वाराणसी (रणभेरी) : वाराणसी में सरस्वती पूजा के बाद मंगलवार देर रात मूर्ति विसर्जन के दौरान उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब विसर्जन जुलूस पर अचानक पथराव शुरू हो गया। शिवपुर थाना क्षेत्र के गिलट बाजार में, एक मस्जिद के समीप से गुजर रहे जुलूस को अराजक तत्वों ने निशाना बनाया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
घटना के वक्त शोभायात्रा में करीब 300 श्रद्धालु शामिल थे। पथराव की इस घटना में चार लोग घायल हो गए। हालात को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।
घटना में घायल मनीष सोनकर ने बताया कि विसर्जन जुलूस शांतिपूर्वक आगे बढ़ रहा था। इसी दौरान अचानक 15 से 20 लोग वहां पहुंचे और बिना किसी उकसावे के पत्थरबाजी शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि शोभायात्रा में महिलाएं भी शामिल थीं और पथराव में कई लोग घायल हुए।

वहीं धर्मेंद्र ने बताया कि वे मूर्ति के आगे चलकर रास्ता साफ करा रहे थे। आरोप है कि हमलावर पहले से ही लाठी-डंडों से लैस थे। थोड़ी ही देर में आसपास की गलियों से बड़े-बड़े पत्थर और ईंटें बरसने लगीं, जिसमें 5 से 7 लोग घायल हो गए। पीड़ितों ने पुलिस को तहरीर दी है और कार्रवाई की मांग की है। पुलिस की ओर से गिरफ्तारी का आश्वासन दिया गया है, हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी।

इस पूरे मामले पर एसीपी कैंट नितिन तनेजा ने बताया कि प्रतिमा विसर्जन का जुलूस शिवपुर में विसर्जन के लिए जा रहा था। उनके अनुसार, दोनों पक्ष सोनकर समाज से जुड़े हैं और पहले से आपसी विवाद चला आ रहा था। झगड़े में शामिल युवक का नाम अमन सोनकर बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों ने शराब पी रखी थी, जिसके चलते विवाद बढ़ गया। फिलहाल मूर्ति विसर्जन के बाद तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
