केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने किया ‘ईजी कनेक्ट’ सेवा का शुभारंभ, पूर्वांचल और बिहार के यात्रियों को मिलेगा बड़ा लाभ
वाराणसी (रणभेरी): देश के विमानन क्षेत्र में एक नई पहल के तहत गुरुवार को वाराणसी स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से एयर इंडिया की ‘ईजी कनेक्ट’ सेवा की शुरुआत की गई। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजारापु ने पारंपरिक विधि-विधान और दीप प्रज्वलन के साथ इस सुविधा का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान काशी की सांस्कृतिक पहचान गंगा आरती की झलक भी देखने को मिली।
यह सेवा केंद्र सरकार की ‘हब एंड स्पोक’ नीति के अंतर्गत शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य छोटे और मध्यम शहरों को देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय विमानन केंद्रों से जोड़ना है। इस नई व्यवस्था से वाराणसी, लखनऊ, पटना सहित पूर्वांचल और बिहार के यात्रियों को विदेश यात्रा के दौरान अधिक सुविधा मिलेगी।
वाराणसी में ही पूरी होगी औपचारिकताएं
नई सुविधा लागू होने के बाद अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अपने घरेलू हवाई अड्डे पर ही चेक-इन, बैगेज टैगिंग, कस्टम और इमिग्रेशन जैसी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने की सुविधा मिलेगी। इसके कारण दिल्ली जैसे बड़े हब एयरपोर्ट पर दोबारा सामान लेने, पुनः चेक-इन कराने या लंबी कतारों में खड़े होने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
यात्रियों का सामान सीधे अंतिम अंतरराष्ट्रीय गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा, जिससे यात्रा अधिक सुगम और समय की बचत वाली बन जाएगी।

17 देशों तक बेहतर कनेक्टिविटी
नई सेवा के माध्यम से वाराणसी से दिल्ली पहुंचने वाले यात्री एयर इंडिया के विस्तृत अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का लाभ उठा सकेंगे। इसके जरिए यूरोप, उत्तरी अमेरिका, खाड़ी देशों और दक्षिण-पूर्व एशिया सहित 17 देशों के विभिन्न शहरों तक बेहतर और सहज संपर्क उपलब्ध होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के लाखों यात्रियों को लाभ मिलेगा, जो अब तक अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान कनेक्टिंग फ्लाइट्स की जटिल प्रक्रियाओं से गुजरते थे।
भारत को वैश्विक विमानन केंद्र बनाने की दिशा में कदम
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू ने कहा कि यह पहल भारत की अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को वैश्विक विमानन हब बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और यह सेवा उसी विजन का हिस्सा है।
मंत्री ने कहा कि क्षेत्रीय शहरों को अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जोड़ने के लिए ऐसे मॉडल भविष्य में देश के अन्य हिस्सों में भी लागू किए जाएंगे।
व्यापार, शिक्षा और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
नई व्यवस्था से केवल यात्रियों को ही नहीं, बल्कि व्यापार, शिक्षा और पर्यटन क्षेत्र को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। पूर्वांचल के व्यापारी, छात्र और पर्यटक अब कम समय और कम औपचारिकताओं के साथ विदेश यात्रा कर सकेंगे।
इसके साथ ही क्षेत्र के कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने में भी हवाई संपर्क की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। हाल के वर्षों में बिहार और असम की प्रसिद्ध लीची समेत विभिन्न फल एवं सब्जियों का निर्यात सिंगापुर, दुबई और अन्य देशों में किया जा रहा है। बेहतर हवाई नेटवर्क से कृषि निर्यात को और गति मिलने की संभावना है।

पूर्वांचल की कनेक्टिविटी को मिलेगी नई ताकत
एयर इंडिया के अधिकारियों के अनुसार, हब एंड स्पोक मॉडल के तहत क्षेत्रीय शहरों को बड़े विमानन केंद्रों से जोड़ा जा रहा है ताकि यात्रियों को अधिक उड़ान विकल्प, बेहतर कनेक्शन समय और विस्तृत वैश्विक नेटवर्क की सुविधा मिल सके। वहीं एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि यह पहल पूर्वांचल की हवाई कनेक्टिविटी को नई मजबूती प्रदान करेगी। साथ ही पर्यटन, निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
कई शहरों में होगा विस्तार
केंद्रीय मंत्री ने संकेत दिए कि इस मॉडल को चरणबद्ध तरीके से देश के अन्य शहरों में भी लागू किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य एक ऐसा विमानन तंत्र विकसित करना है जो अधिक प्रभावी, एकीकृत और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी हो। यह व्यवस्था भविष्य में देश के विमानन क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है और छोटे शहरों के यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा के नए अवसर प्रदान कर सकती है।
प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद
इस अवसर पर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष बिपिन कुमार, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी, एयर इंडिया के प्रतिनिधि तथा एयरपोर्ट प्रशासन के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
