गाजियाबाद में तीन बहनों की मौत: कोरियन गेमिंग की लत, आर्थिक तंगी और पारिवारिक उलझनों की परतें खुलीं

गाजियाबाद में तीन बहनों की मौत: कोरियन गेमिंग की लत, आर्थिक तंगी और पारिवारिक उलझनों की परतें खुलीं

(रणभेरी): गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक क्षेत्र स्थित भारत सिटी सोसाइटी से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां नौवीं मंजिल से कूदकर तीन नाबालिग बहनों ने जान दे दी। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का माना जा रहा है, लेकिन इसके पीछे कई सामाजिक, पारिवारिक और मनोवैज्ञानिक पहलू सामने आ रहे हैं।

मृत बच्चियों की उम्र करीब 12, 14 और 16 वर्ष बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, तीनों बहनें देर रात कमरे को अंदर से बंद कर स्टूल की मदद से बालकनी तक पहुंचीं और एक-एक कर छलांग लगा दी। हादसा मंगलवार रात करीब दो बजे का है।

आर्थिक संकट और पढ़ाई से दूरी

बच्चियों के पिता चेतन गुर्जर मूल रूप से दिल्ली के खजूरी इलाके के निवासी हैं और पिछले तीन वर्षों से गाजियाबाद में किराए के फ्लैट में रह रहे थे। कोविड काल में उनकी नौकरी छूट गई थी, जिसके बाद उन्होंने ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग और मार्केटिंग के जरिए परिवार चलाने की कोशिश की। हालांकि आमदनी सीमित रही और धीरे-धीरे आर्थिक दबाव बढ़ता गया।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आर्थिक तंगी के चलते तीनों बच्चियों की पढ़ाई प्रभावित हुई। पिछले करीब दो वर्षों से वे नियमित रूप से स्कूल नहीं जा रही थीं।

गाजियाबाद में तीन बहनों की मौत: कोरियन गेमिंग की लत, आर्थिक तंगी और पारिवारिक उलझनों की परतें खुलीं

दो शादियां, जटिल पारिवारिक संरचना

चेतन की पारिवारिक स्थिति भी सामान्य नहीं थी। उनकी पहली शादी सुजाता से हुई थी, जिनसे लंबे समय तक संतान नहीं हुई। बाद में पत्नी की सहमति से उन्होंने साली हिना से दूसरी शादी की। हिना से दो बेटियां हुईं, जबकि बाद में पहली पत्नी से भी एक संतान हुई। तीनों बच्चियां एक ही घर में रह रही थीं।

गेमिंग की लत और सुसाइड नोट

पुलिस को बच्चियों के कमरे से 18 पन्नों की एक डायरी मिली है, जिसे सुसाइड नोट माना जा रहा है। इसमें लिखा गया है कि वे कोरियन कल्चर और एक टास्क-बेस्ड गेम से बेहद जुड़ चुकी थीं और उसे छोड़ नहीं पा रही थीं। नोट में माता-पिता से माफी भी मांगी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बच्चियों के मोबाइल फोन जांच के लिए कब्जे में ले लिए गए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किन ऐप्स और कंटेंट से प्रभावित थीं।

चश्मदीद की गवाही

घटना के वक्त सामने वाले फ्लैट में मौजूद एक कारोबारी ने पुलिस को बताया कि उसने रात में बालकनी में हलचल देखी। शुरुआत में उसे कोई कपल नजर आया, लेकिन बाद में समझ में आया कि वे नाबालिग बच्चियां थीं। कुछ ही पलों में तीनों नीचे गिर गईं। उसने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। पुलिस का कहना है कि फिलहाल सभी पहलुओं-आर्थिक स्थिति, पारिवारिक माहौल, डिजिटल कंटेंट और मानसिक दबाव—की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मोबाइल डेटा और सुसाइड नोट की फॉरेंसिक जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।

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