(रणभेरी): रविवार: राजधानी लखनऊ के चिनहट इलाके में रविवार तड़के एक पुराने कोल्ड स्टोरेज में अचानक भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही समय में उसका धुआं कई किलोमीटर दूर तक दिखाई देने लगा। आग की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और दमकल विभाग की टीमों ने बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
मिली जानकारी के अनुसार, सुबह करीब साढ़े छह बजे लखनऊ-अयोध्या हाईवे के किनारे स्थित एक कोल्ड स्टोरेज परिसर से धुआं उठता देखा गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे इलाके में घने काले धुएं का गुबार फैल गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और फायर विभाग को दी, जिसके बाद कई दमकल वाहन मौके पर पहुंच गए।
आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की लगभग 15 गाड़ियां और दो हाइड्रोलिक मशीनों को लगाया गया। बचाव टीम लगातार कई घंटों तक आग पर नियंत्रण पाने का प्रयास करती रही। हालांकि राहत कार्य के दौरान स्थिति तब और चुनौतीपूर्ण हो गई जब करीब पांच घंटे बाद आग ने दोबारा तेजी पकड़ ली। इससे राहत अभियान को और अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ा।
स्थिति को गंभीर देखते हुए प्रशासन ने आसपास की सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी। एहतियातन नजदीक स्थित दयाल रेजीडेंसी क्षेत्र के लगभग 50 घरों को खाली करा लिया गया, ताकि किसी भी संभावित खतरे से लोगों को सुरक्षित रखा जा सके। पुलिस कर्मियों ने घर-घर जाकर लोगों को सतर्क किया और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।बताया जा रहा है कि यह कोल्ड स्टोरेज करीब 35 वर्ष पुराना है। यहां इस समय हल्दी, मिर्च और अन्य किराना सामग्री का भंडारण किया गया था। इसके अलावा परिसर के कुछ हिस्सों में लकड़ी और बुरादा जैसी ज्वलनशील सामग्री भी मौजूद थी, जिससे आग के तेजी से फैलने की आशंका बढ़ गई।घटना की जानकारी मिलते ही कोल्ड स्टोरेज के संचालक भी मौके पर पहुंच गए और अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली। फिलहाल राहत की बात यह रही कि घटना में किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।
दमकल विभाग के कर्मचारियों को आग बुझाने के दौरान विशेष परेशानियों का सामना करना पड़ा। परिसर में रखी मिर्च और मसालों से निकलने वाला तेज धुआं और झार बचाव कर्मियों के लिए चुनौती बन गया। शुरुआती प्रयासों में जब कर्मचारी अंदर जाने की तैयारी कर रहे थे, तब धुएं और मिर्च के असर से उन्हें लगातार खांसी और सांस लेने में परेशानी महसूस हुई, जिसके कारण उन्हें कुछ समय के लिए बाहर आना पड़ा।
इसके बाद टीम ने रणनीति बदलते हुए ऊंचाई से आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की। हाइड्रोलिक मशीनों और टिन शेड के ऊपरी हिस्से से लगातार पानी की बौछार की जा रही है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आग लगने के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है।
