(रणभेरी): बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार इन दिनों मथुरा-वृंदावन की निजी आध्यात्मिक यात्रा पर हैं। मंगलवार को वे परिवार के सदस्यों के साथ वृंदावन पहुंचे और आम श्रद्धालुओं की तरह ई-रिक्शा से मंदिरों के दर्शन किए। उनकी सादगी और बिना किसी तामझाम के यात्रा ने स्थानीय लोगों का ध्यान खींचा।
निशांत कुमार ने भ्रमण की शुरुआत यमुना घाट से की, जहां उन्होंने हाथ जोड़कर मां यमुना को नमन किया। इसके बाद वे बांके बिहारी मंदिर पहुंचे और विधिवत पूजा-अर्चना की। पूरे दौरे के दौरान उनके साथ केवल 4-5 करीबी लोग थे। न तो सुरक्षा काफिला था और न ही कोई वीआईपी प्रोटोकॉल।

ई-रिक्शा से यात्रा करते हुए उन्होंने प्रति सवारी महज 10 रुपये का किराया अदा किया। कुर्ता-पायजामा और हवाई चप्पल में ‘राधे-राधे’ का जप करते हुए वे वृंदावन की गलियों में पैदल भी घूमते दिखे। बुधवार को उन्होंने इस्कॉन मंदिर वृंदावन सहित अन्य प्रमुख मंदिरों में भी दर्शन-पूजन किया।

निशांत कुमार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मंजू सिन्हा के इकलौते पुत्र हैं। उनकी मां मंजू सिन्हा का निधन वर्ष 2007 में हुआ था। निशांत की प्रारंभिक शिक्षा पटना के सेंट कैरेंस स्कूल से हुई, इसके बाद उन्होंने मसूरी के मानव भारती इंडिया इंटरनेशनल स्कूल से पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेसरा से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। पेशे से इंजीनियर निशांत कुमार राजनीति से दूरी बनाए रखते हुए निजी और आध्यात्मिक जीवन को प्राथमिकता देते हैं।
गौरतलब है कि 20 नवंबर 2025 को नीतीश कुमार के 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद की एक भावुक तस्वीर भी चर्चा में रही थी, जब सीएम आवास पर निशांत ने पिता के चरण स्पर्श किए और नीतीश कुमार ने उन्हें गले लगाया।
