छात्रों के भविष्य और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर सड़क पर उतरे कार्यकर्ता, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे समेत कई मांगें उठाईं
वाराणसी (रणभेरी): देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर वाराणसी में सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया गया। ‘समस्त भारतवासी’ संगठन के कार्यकर्ताओं ने शहर में मार्च निकालकर अपनी मांगों को सामने रखा। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपते हुए शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और छात्रों के हितों की रक्षा की मांग की।
प्रदर्शन की शुरुआत शास्त्री घाट से हुई। संगठन से जुड़े कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और मांगों से जुड़े पोस्टर लेकर सड़क पर उतरे। मार्च शास्त्री घाट से निकलकर गोलघर, अर्दली बाजार होते हुए जिला मुख्यालय पहुंचा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।

ज्ञापन में शिक्षाविद सोनम वांगचुक के आंदोलन का भी उल्लेख किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि छात्रों के भविष्य और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर सोनम वांगचुक ने लंबे समय तक अनशन किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए।

संगठन के कार्यकर्ताओं ने मांग की कि प्रतियोगी परीक्षाओं को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से लाखों छात्रों की मेहनत प्रभावित होती है और युवाओं में निराशा बढ़ती है।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने, परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने और छात्रों की समस्याओं का समाधान निकालने की अपील की। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने राष्ट्रपति से इस पूरे मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की।
