(रणभेरी): आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर रविवार सुबह रेलवे के डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट (DSS) के साथ आरपीएफ जवानों द्वारा कथित मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रेलवे प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए आरपीएफ के चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है।
जानकारी के अनुसार, घटना रविवार सुबह करीब 11 बजे प्लेटफार्म नंबर-1 पर हुई। उस समय अमृतसर से आने वाली हीराकुंड एक्सप्रेस आगरा कैंट स्टेशन पर पहुंची थी। इसी दौरान एक महिला यात्री ट्रेन से उतरकर कुछ सामान लेने लगी। जब वह वापस लौटी तो ट्रेन चलने लगी। महिला ने दोबारा ट्रेन में चढ़ने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी।
महिला यात्री को परेशानी में देखकर स्टेशन पर तैनात डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट नरेंद्र चाहर ने तुरंत सतर्कता दिखाई। उन्होंने वॉकी-टॉकी के माध्यम से लोको पायलट को सूचना देकर ट्रेन रुकवा दी, जिससे महिला यात्री दोबारा ट्रेन में सवार हो सके।

इसी दौरान मौके पर मौजूद आरपीएफ कर्मियों ने महिला यात्री को चेन पुलिंग के आरोप में रोक लिया। इस बात को लेकर DSS नरेंद्र चाहर और आरपीएफ जवानों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। DSS का कहना था कि ट्रेन उन्होंने रेलवे नियमों के तहत यात्री की मदद के लिए रुकवाई थी, जबकि आरपीएफ कर्मी चेन पुलिंग की कार्रवाई की बात कर रहे थे।
विवाद बढ़ने के बाद मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। आरोप है कि आरपीएफ जवानों ने अपने अन्य साथियों को बुला लिया। इसके बाद DSS को पकड़कर ले जाने का प्रयास किया गया। वीडियो में कुछ आरपीएफ कर्मी उन्हें जमीन पर गिराते और घसीटते हुए ले जाते दिखाई दे रहे हैं।

रेलवे कर्मचारियों का आरोप है कि DSS के साथ स्टेशन परिसर में अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें करीब 300 मीटर तक घसीटकर आरपीएफ थाने ले जाया गया। इस दौरान DSS के केबिन में मौजूद कर्मचारियों ने जवानों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन मामला शांत नहीं हुआ।
वहीं, आरपीएफ कर्मियों का कहना है कि DSS ने उनके साथ बहस के दौरान अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी।
घटना के विरोध में रेलवे कर्मचारियों का प्रदर्शन
DSS के साथ हुई घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में रेलवे कर्मचारी आरपीएफ थाने के बाहर पहुंच गए। कर्मचारियों ने विरोध जताते हुए नारेबाजी की और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि एक यात्री की मदद करने वाले रेलवे अधिकारी के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए।

चार आरपीएफ कर्मियों पर कार्रवाई
मामले को गंभीरता से लेते हुए रेलवे प्रशासन ने आरपीएफ के चार कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबित किए गए कर्मचारियों में एएसआई मेघराज मीणा, एएसआई बालकिशन, कांस्टेबल बदन सिंह और कांस्टेबल जितेंद्र शामिल हैं। आगरा रेलवे मंडल के जनसंपर्क अधिकारी संजय गौतम ने बताया कि प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने के बाद चारों कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है।
जांच समिति में स्टेशन डायरेक्टर, आरपीएफ के असिस्टेंट सिक्योरिटी कमिश्नर और असिस्टेंट ऑपरेटिंग मैनेजर (AOM) को शामिल किया गया है। समिति सभी पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपनी रिपोर्ट रेलवे प्रशासन को सौंपेगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के बाद दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने मामले में निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।
