वाराणसी (रणभेरी): बॉलीवुड अभिनेता रचित सिंह इन दिनों अपने जन्मस्थान वाराणसी के दौरे पर हैं। काशी पहुंचने के बाद उन्होंने शहर की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपराओं और स्थानीय जीवनशैली का अनुभव किया। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने प्रसिद्ध पहलवान लस्सी का स्वाद लिया और वाराणसी के कई प्रमुख मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना की।
अभिनेता को अपने बीच पाकर स्थानीय लोगों और प्रशंसकों में उत्साह देखने को मिला। कई प्रशंसकों ने उनसे मुलाकात की, तस्वीरें खिंचवाईं और बातचीत कर यादगार पल साझा किए। रचित सिंह ने भी प्रशंसकों से गर्मजोशी से मुलाकात की।
काशी से है पुराना नाता
रचित सिंह का वाराणसी से खास रिश्ता रहा है। उनका जन्म इसी शहर में हुआ और शुरुआती पढ़ाई भी यहीं पूरी हुई। काशी की गलियों और माहौल से उनका गहरा जुड़ाव रहा है। उन्होंने बताया कि वाराणसी ने उनके व्यक्तित्व और सोच को काफी प्रभावित किया है।
अपने सपनों को नई उड़ान देने के लिए वर्ष 2012 में रचित सिंह ने वाराणसी से दिल्ली का रुख किया। राजधानी में उन्होंने मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा और रैंप मॉडल के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने फैशन और परफॉर्मेंस के क्षेत्र में अनुभव हासिल किया।
इसके बाद वर्ष 2016 में वह मायानगरी मुंबई पहुंचे, जहां उन्होंने अभिनय के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के लिए मेहनत शुरू की। मुंबई में शुरुआती संघर्ष के दौरान उन्होंने अभिनय की बारीकियां सीखीं और खुद को एक कलाकार के रूप में तैयार किया।
अभिनय प्रशिक्षण से फिल्मों तक का सफर
मुंबई में रचित सिंह ने जाने-माने अभिनय प्रशिक्षक अतुल मोंगिया के साथ काम किया। यहां उन्होंने अभिनय की तकनीकों को समझा और कलाकारों के प्रशिक्षण से जुड़े कई काम किए। उन्होंने आर्टिस्ट कलेक्टिव की स्थापना में भी योगदान दिया, जिसके जरिए नए कलाकारों को सीखने और आगे बढ़ने का मंच मिला।
करीब एक दशक तक एक्टिंग कोच के रूप में काम करते हुए रचित सिंह ने कई कलाकारों को अभिनय की ट्रेनिंग दी। उन्होंने विभिन्न फिल्म वर्कशॉप्स में प्रशिक्षक के तौर पर हिस्सा लिया और कलाकारों को कैमरे के सामने अपनी प्रतिभा निखारने में मदद की।

‘बेबी डू डाई डू’ से मिला बड़ा अवसर
रचित सिंह ने अपनी हालिया फिल्म ‘बेबी डू डाई डू’ से जुड़े अनुभव को साझा करते हुए बताया कि अभिनय प्रशिक्षण के दौरान ही उन्हें फिल्म में काम करने का मौका मिला। उन्होंने बताया कि एक एक्टिंग वर्कशॉप के दौरान निर्माता साकिब सलीम से उनकी मुलाकात हुई। रचित के काम और अभिनय के प्रति उनकी लगन से प्रभावित होकर साकिब ने उन्हें फिल्म के लिए ऑडिशन देने का सुझाव दिया।
इसके बाद रचित ने अपनी एक शॉर्ट फिल्म दिखाई, जिसे साकिब सलीम और निर्देशक नचिकेत सामंत ने पसंद किया। इसके बाद फिल्म में उन्हें महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिला। निर्देशक नचिकेत सामंत की फिल्म ‘बेबी डू डाई डू’ 3 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। फिल्म में हुमा कुरैशी, सिकंदर खेर, चंकी पांडे, सीमा पाहवा और रचित सिंह जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आए हैं।
वाराणसी दौरे ने ताजा की पुरानी यादें
फिल्मी दुनिया में अपनी जगह बनाने के बाद रचित सिंह जब अपने गृह नगर पहुंचे तो उन्होंने काशी की परंपराओं और आध्यात्मिक वातावरण को करीब से महसूस किया। मंदिर दर्शन, स्थानीय व्यंजनों का आनंद और प्रशंसकों से मुलाकात के दौरान अभिनेता अपने शहर से जुड़ी यादों को दोबारा जीते नजर आए।
