वाराणसी (रणभेरी): शनिवार की सुबह काशी का आसमान भारतीय वायुसेना के अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों की गर्जना से गूंज उठा। करीब सुबह 10 बजे से शुरू हुई अभ्यास उड़ानों के दौरान राफेल लड़ाकू विमान और सूर्य किरण एरोबैटिक टीम के विमान लगातार अलग-अलग फॉर्मेशन में उड़ान भरते नजर आए। तेज रफ्तार से आसमान में उड़ते विमानों की आवाज सुनकर शहर के लोग घरों, छतों, बालकनियों और सड़कों पर निकल आए। नमो घाट सहित शहर के कई इलाकों में लोगों ने इस अद्भुत नजारे को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया।
यह अभ्यास आगामी वायुसेना दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले एयर शो की तैयारियों का हिस्सा था। भारतीय वायुसेना द्वारा नमो घाट पर प्रस्तावित भव्य आयोजन से पहले उड़ानों का परीक्षण और अभ्यास किया गया, जिसे देखने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग घाट पर पहुंचने लगे।
करीब ढाई घंटे तक चला अभ्यास
सुबह शुरू हुआ यह रिहर्सल लगभग दोपहर 12:30 बजे तक जारी रहा। इस दौरान राफेल और सूर्य किरण टीम के विमानों ने कई बार नमो घाट और उसके आसपास के क्षेत्र के ऊपर उड़ान भरते हुए विभिन्न एयर फॉर्मेशन का अभ्यास किया। आसमान में तेज गति से उड़ते विमानों की गूंज पूरे शहर में सुनाई देती रही, जिससे वातावरण रोमांच और उत्साह से भर गया।
वायुसेना के पायलटों ने निर्धारित उड़ान मार्ग पर कई तकनीकी अभ्यास किए। विमान कभी बेहद कम ऊंचाई पर तो कभी अधिक ऊंचाई पर उड़ान भरते दिखाई दिए। उनकी गति, संतुलन और समन्वय ने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

एयर शो को लेकर बढ़ा उत्साह
आगामी वायुसेना दिवस के अवसर पर काशी में प्रस्तावित एयर शो को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। नमो घाट पर सुबह से ही स्थानीय नागरिकों, पर्यटकों और श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। जैसे ही लड़ाकू विमान आसमान में दिखाई दिए, लोगों ने तालियों और उत्साह के साथ उनका स्वागत किया।
घाट पर मौजूद लोगों ने लगातार तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए। सोशल मीडिया पर भी रिहर्सल के कई वीडियो और तस्वीरें तेजी से साझा किए गए। परिवारों के साथ पहुंचे लोगों ने इस दृश्य को लंबे समय तक निहारा और इसे यादगार पल बताया।
लोगों ने साझा किया अनुभव
घाट पर मौजूद एक दर्शक राहुल ने बताया कि एक साथ कई लड़ाकू विमानों को इतनी तेज रफ्तार से उड़ते देखना बेहद रोमांचकारी अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि विमान जब घाट के ऊपर से गुजरते थे तो उनकी गर्जना पूरे वातावरण में गूंज उठती थी। बड़ी संख्या में लोग मोबाइल फोन से वीडियो बनाते और तस्वीरें लेते नजर आए।
कई पर्यटकों ने भी कहा कि उन्होंने पहली बार इतने करीब से भारतीय वायुसेना के विमानों की अभ्यास उड़ान देखी। उनके अनुसार यह दृश्य किसी एयर शो से कम नहीं था।
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
रिहर्सल के दौरान नमो घाट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सुबह से ही भारतीय वायुसेना और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। हेलीपैड क्षेत्र और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई थी।
सुरक्षा कारणों से नमो घाट के फेस-2 के आगे आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रही। बैरिकेडिंग लगाकर लोगों को निर्धारित सीमा तक ही जाने की अनुमति दी गई। सुरक्षा कर्मी लगातार निगरानी करते रहे और किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने दिया गया।
वायुसेना दिवस की तैयारियां अंतिम चरण में
भारतीय वायुसेना हर वर्ष 8 अक्टूबर को अपना स्थापना दिवस मनाती है। इस अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में एयर शो विशेष आकर्षण का केंद्र रहता है। इस वर्ष काशी में होने वाले आयोजन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। शनिवार का अभ्यास उसी श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा था, जिसमें लड़ाकू विमानों की उड़ान, समन्वय और सुरक्षा व्यवस्था का परीक्षण किया गया।
रिहर्सल के सफल आयोजन के बाद अब लोगों की नजरें मुख्य एयर शो पर टिकी हैं। उम्मीद है कि आयोजन के दिन देश की वायु शक्ति का भव्य प्रदर्शन देखने को मिलेगा, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की संभावना है।
