वाराणसी (रणभेरी): लक्सा थाना क्षेत्र में एक अधिवक्ता के घर पर कथित रूप से घर में घुसकर मारपीट, हमला और आभूषण छीनने के मामले ने अधिवक्ता समुदाय में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। घटना के विरोध में वकीलों ने इसे केवल एक व्यक्ति या उसके परिवार पर हमला न मानते हुए न्यायिक व्यवस्था और कानून के प्रति खुली चुनौती करार दिया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि यदि कानून की रक्षा करने वाले अधिवक्ता ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता स्वाभाविक है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना 7 जुलाई की रात लगभग पौने नौ बजे की बताई जा रही है। इस संबंध में लक्सा थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार श्रीनगर कॉलोनी, गुरुबाग निवासी अधिवक्ता संजय कुमार लालमनी ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग उनके आवास के बाहर पहुंचे और पहले उनकी खड़ी गाड़ी को नुकसान पहुंचाया। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो कई लोगों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की तथा उन्हें घर के बाहर गली तक खींचकर पीटा। आसपास के लोगों के एकत्र होने और शोर मचने पर अधिकांश आरोपी मौके से भाग निकले।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के दौरान दो लोग जबरन घर के अंदर घुस आए और वहां मौजूद अधिवक्ता तथा उनकी पत्नी के साथ भी मारपीट की। आरोप है कि इसी दौरान एक व्यक्ति उनके गले से सोने की चेन लेकर फरार हो गया। हालांकि पीड़ित पक्ष ने एक आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया, जिसे बाद में पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। अधिवक्ता का कहना है कि पूरी वारदात सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई और इसका उद्देश्य परिवार में भय का माहौल उत्पन्न करना था।
घटना के बाद अधिवक्ता समुदाय में नाराजगी तेजी से बढ़ गई। सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह ‘गौतम’ ने मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि उन्हें घटना की सूचना उसी रात मिली थी। उन्होंने कहा कि जो अधिवक्ता समाज को न्याय दिलाने के लिए निरंतर कार्य करता है, यदि उसके घर में घुसकर उस पर और उसके परिवार पर हमला किया जाता है तो यह कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है। उनके अनुसार ऐसी घटनाएं समाज में गलत संदेश देती हैं और अपराधियों के बढ़ते मनोबल को भी दर्शाती हैं।
बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि इतने गंभीर प्रकरण में अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रारंभ से ही कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की गई थी, लेकिन उस स्तर की कार्रवाई तत्काल नहीं हुई, जिससे अधिवक्ताओं में असंतोष है।

इसी क्रम में गुरुवार को अधिवक्ता संजय कुमार लालमनी ने पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच, गंभीर धाराओं में कार्रवाई तथा मामले से जुड़े पुलिस अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा की मांग रखी। अधिवक्ताओं ने यह भी आग्रह किया कि घटना की जांच पूरी निष्पक्षता के साथ कराई जाए ताकि दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
अधिवक्ता प्रतिनिधियों के अनुसार पुलिस आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। बताया गया कि उन्होंने संबंधित थाना प्रभारी की भूमिका की समीक्षा कराए जाने तथा जांच के आधार पर आवश्यक कदम उठाने की बात कही। साथ ही यह भी भरोसा दिलाया गया कि दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उधर अधिवक्ता समुदाय ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय के भीतर निष्पक्ष जांच और प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करने को विवश होंगे। उनका कहना है कि इस मामले को सामान्य विवाद या साधारण मारपीट मानकर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि घर में घुसकर हमला, लूट और अन्य गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि दर्ज शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है तथा जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुरूप आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
