वाराणसी (रणभेरी): महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ (एमजीकेवीपी) का 48वां दीक्षांत समारोह आगामी 28 जुलाई को सिगरा स्थित रुद्राक्ष अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया जाएगा। समारोह की तैयारियों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में शुक्रवार को कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस बार दीक्षांत समारोह में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अन्य प्रतिभागियों के लिए भारतीय पारंपरिक वेशभूषा अनिवार्य रहेगी। इसके साथ ही जींस, टी-शर्ट तथा काले और अन्य गहरे रंग के वस्त्र पहनकर आने पर प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय समारोह की गरिमा, अनुशासन और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
पुरुष और महिलाओं के लिए तय किया गया ड्रेस कोड
निर्धारित ड्रेस कोड के अनुसार पुरुष प्रतिभागियों को पीले या बसंती रंग का कुर्ता तथा सफेद धोती या पैजामा पहनना होगा। वैकल्पिक रूप से वे पीले या बसंती रंग की शर्ट के साथ सफेद पैंट भी पहन सकते हैं। वहीं, महिला प्रतिभागियों के लिए पीले रंग की साड़ी या सलवार-सूट निर्धारित किया गया है।
दीक्षोत्सव की तैयारियों की हुई समीक्षा
बैठक में दीक्षांत समारोह से पहले आयोजित होने वाले दीक्षोत्सव के तहत प्रस्तावित विभिन्न कार्यक्रमों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। आयोजन के लिए गठित समितियों ने अपनी कार्य प्रगति की जानकारी दी, जबकि कुलपति ने सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।
विश्वविद्यालय परिसर होगा प्लास्टिक मुक्त
समीक्षा बैठक में स्वच्छ भारत अभियान के तहत विश्वविद्यालय परिसर में नॉन-बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक के पूर्ण प्रतिबंध का भी निर्णय लिया गया। प्रशासन ने कहा कि परिसर को स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाए रखने के लिए इस फैसले का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
स्मारिका और स्वर्ण पदक सूची को अंतिम रूप
बैठक में दीक्षांत समारोह की स्मारिका और निमंत्रण पत्र के अंतिम प्रारूप को मंजूरी दी गई। इसके अलावा स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के परिणाम और मेरिट सूची की भी समीक्षा की गई, ताकि पुरस्कार वितरण से जुड़ी सभी औपचारिकताएं समय रहते पूरी की जा सकें। बैठक में कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय, कुलानुशासक प्रो. के.के. सिंह, डीन एकेडमिक प्रो. बंशीधर पांडेय, परीक्षा नियंत्रक दीप्ति मिश्रा सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न अधिकारी और आयोजन समितियों के सदस्य मौजूद रहे।
