साइकिल सवार पिता की मौत, बेटा गंभीर, हादसे के बाद मची अफरा-तफरी
आक्रोशित लोगों ने वाराणसी-लखनऊ हाईवे पर लगाया जाम, ढाई घंटे तक यातायात रहा बाधित
तीन महीने पहले बड़े बेटे की हुई थी मौत, अब परिवार पर टूटा एक और दुखों का पहाड़
वाराणसी (रणभेरी): शिवपुर थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। आम से लदा तेज रफ्तार डीसीएम ट्रक अनियंत्रित होकर साइकिल सवार पिता-पुत्र को रौंदते हुए पलट गया। हादसे के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने वाराणसी-लखनऊ हाईवे पर जाम लगा दिया, जिससे करीब ढाई घंटे तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। जानकारी के अनुसार, हटिया निवासी 65 वर्षीय छेदी प्रजापति अपने 30 वर्षीय पुत्र काशी प्रजापति के साथ सोमवार सुबह लगभग छह बजे साइकिल से कुल्हड़ों की सप्लाई देने बाजार जा रहे थे।
परिवार का जीवनयापन कुल्हड़ बनाकर उन्हें बेचने से होता है। दोनों प्रतिदिन की तरह सामान लेकर निकले थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कादम्बिनी लॉन और टीवीएस शोरूम के समीप सामने से आ रहा आम से लदा डीसीएम अचानक अनियंत्रित हो गया। चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और डीसीएम सड़क किनारे चल रहे पिता-पुत्र की साइकिल को टक्कर मारते हुए आगे बढ़ गया। इसके बाद वाहन सुद्दीपुर स्थित हनुमान मंदिर के सामने पलट गया। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग तत्काल बचाव कार्य में जुट गए।

स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने छेदी प्रजापति को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल काशी प्रजापति का उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
हादसे की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। गुस्साए लोगों ने वाराणसी-लखनऊ हाईवे पर जाम लगाकर दोषी चालक की गिरफ्तारी, कठोर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की। जाम के चलते एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों, स्कूली वाहनों और अन्य चारपहिया वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई यात्रियों को समय पर गंतव्य तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझाकर किसी तरह जाम समाप्त कराया, जिसके बाद लगभग ढाई घंटे बाद यातायात सामान्य हो सका। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त डीसीएम को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
परिजनों ने बताया कि परिवार पर यह दूसरी बड़ी त्रासदी है। करीब तीन महीने पहले छेदी प्रजापति के बड़े बेटे बनारसी प्रजापति की ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी। उस सदमे से परिवार अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था कि अब यह हादसा हो गया। परिवार का मुख्य सहारा रहे छेदी प्रजापति की मौत से घर में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस का कहना है कि दुर्घटना के कारणों की गहन जांच की जा रही है। वाहन चालक की भूमिका, तेज रफ्तार और लापरवाही सहित सभी पहलुओं की जांच के बाद नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
