वाराणसी में मीट-मछली दुकानों को शहर से बाहर करने के प्रस्ताव पर व्यापारियों का विरोध, मंडलायुक्त को सौंपा गया ज्ञापन

वाराणसी में मीट-मछली दुकानों को शहर से बाहर करने के प्रस्ताव पर व्यापारियों का विरोध, मंडलायुक्त को सौंपा गया ज्ञापन

वाराणसी (रणभेरी): नगर निगम द्वारा शहर क्षेत्र में संचालित मांस, मछली और मुर्गे की दुकानों को शहर की सीमा से बाहर स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को लेकर स्थानीय व्यापारियों में असंतोष देखने को मिला। प्रस्ताव के विरोध में व्यापारियों और संबंधित व्यवसाय से जुड़े लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपकर इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

व्यापारियों का कहना है कि नगर निगम की योजना के अनुसार इन दुकानों को लगभग 8 से 10 किलोमीटर दूर स्थानों पर शिफ्ट किए जाने की बात सामने आई है, जिससे सीधे तौर पर हजारों छोटे दुकानदारों और उनके परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी। उनका तर्क है कि यह व्यवसाय अधिकतर निम्न और मध्यम आय वर्ग से जुड़े लोगों का मुख्य सहारा है, जो वर्षों से इसी कार्य पर निर्भर हैं। ऐसे में स्थानांतरण से उनकी आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि दुकानों के शहर से बाहर चले जाने पर ग्राहकों की पहुंच सीमित हो जाएगी, जिससे बिक्री में भारी गिरावट आ सकती है और कई व्यापार पूरी तरह बंद होने की स्थिति में पहुंच सकते हैं।

वाराणसी में मीट-मछली दुकानों को शहर से बाहर करने के प्रस्ताव पर व्यापारियों का विरोध, मंडलायुक्त को सौंपा गया ज्ञापन

व्यापारियों ने अपने ज्ञापन में संविधान के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि अनुच्छेद 19(1)(g) के तहत देश के नागरिकों को व्यवसाय करने का अधिकार प्राप्त है। साथ ही अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता में भोजन संबंधी विकल्प चुनने का अधिकार भी शामिल है। उनका कहना है कि यदि शहर में इन उत्पादों की उपलब्धता सीमित होती है तो उपभोक्ताओं को भी असुविधा का सामना करना पड़ेगा।

उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि इस प्रकार के निर्णय से पहले प्रभावित व्यापारियों या आम उपभोक्ताओं से कोई व्यापक चर्चा या सलाह नहीं ली गई, जिससे यह प्रक्रिया एकतरफा प्रतीत होती है और लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि जहां एक ओर सड़क किनारे और खुले स्थानों पर बिक्री पर नियंत्रण की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर होटल, रेस्तरां, बड़े मॉल और ऑनलाइन माध्यमों से मांस-मछली उत्पादों की बिक्री जारी है, जो नीति में असमानता को दर्शाता है।

व्यापारियों ने सुझाव दिया है कि दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने के बजाय स्वच्छता और नियमन पर ध्यान दिया जाए। इसमें कांच के बंद काउंटर, बेहतर अपशिष्ट प्रबंधन, आधुनिक रेफ्रिजरेशन व्यवस्था और स्वच्छ भंडारण प्रणाली लागू करने की बात रखी गई है।

उन्होंने मांग की है कि स्थानांतरण संबंधी आदेश पर तत्काल रोक लगाई जाए और सभी दुकानों पर समान रूप से स्वच्छता नियम लागू किए जाएं। साथ ही मंडलायुक्त से इस मामले में हस्तक्षेप कर हजारों परिवारों की आजीविका और उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की गई है।

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