(रणभेरी): उत्तर प्रदेश और बिहार की पुलिस के लिए लंबे समय तक चुनौती बने रहे कुख्यात अपराधी लल्लन सिंह उर्फ लल्लन का अंत आखिरकार पुलिस कार्रवाई में हो गया। हत्या, लूट, बैंक डकैती, पुलिसकर्मियों पर हमले और सरकारी हथियार लूटने जैसे अनेक संगीन मामलों में वांछित रहे इस अपराधी का नाम दोनों राज्यों के चर्चित अपराधियों में गिना जाता था। पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि लल्लन सिंह और उसका गिरोह वर्षों तक बिहार के पटना, नालंदा सहित पूर्वांचल के कई इलाकों में सक्रिय रहा और कई सनसनीखेज घटनाओं को अंजाम देता रहा।
पुलिस अधिकारियों पर हमले से बना खौफ का पर्याय
लल्लन सिंह का नाम वर्ष 2022 में उस समय सुर्खियों में आया जब वाराणसी के रोहनिया क्षेत्र में तैनात सब-इंस्पेक्टर अजय यादव पर जानलेवा हमला किया गया। आरोप है कि लल्लन सिंह ने अपने भाइयों मनीष सिंह और रजनीश सिंह के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था।
जानकारी के अनुसार, 8 नवंबर 2022 को सब-इंस्पेक्टर अजय यादव अपने निर्माणाधीन मकान का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इसी दौरान बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और गोली मार दी। हमलावरों ने घायल दरोगा की सरकारी पिस्टल और पर्स छीन लिया तथा मौके से फरार हो गए। इस घटना ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया था और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया गया।
बेलछी बैंक डकैती में तीन लोगों की हत्या
लल्लन सिंह का नाम बिहार की चर्चित बैंक डकैती घटनाओं में भी सामने आया। मार्च 2017 में पटना जिले के बेलछी क्षेत्र स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा के बाहर हुई खूनी डकैती ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था।
आरोपों के अनुसार, हथियारबंद बदमाशों ने बैंक परिसर के बाहर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिसमें दो सुरक्षा गार्ड और एक कैश वैन चालक की मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी बड़ी रकम लेकर फरार हो गए। उस समय यह मामला बिहार की सबसे चर्चित आपराधिक घटनाओं में गिना गया था।
पुलिसकर्मियों की हत्या के मामलों में भी रहा नाम
सितंबर 2016 में पटना के फतुहा क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान एक पुलिस अधिकारी की हत्या की घटना में भी लल्लन सिंह का नाम सामने आया था। आरोप था कि हमलावरों ने सब-इंस्पेक्टर आर.आर. चौधरी को गोली मार दी और उनकी सरकारी पिस्टल लेकर भाग निकले।
इसी अवधि में बाढ़ क्षेत्र में एक सहायक उपनिरीक्षक की हत्या के मामले में भी उसकी संलिप्तता की जांच हुई थी। इन घटनाओं ने उसे पुलिस के मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची में ला खड़ा किया।
कैश वैन लूटकांड में भी दर्ज हुआ नाम
फरवरी 2017 में नालंदा जिले के सोहसराय इलाके में कैश वैन पर हुए हमले ने भी काफी सुर्खियां बटोरी थीं। आरोप है कि अपराधियों ने कैश वैन को निशाना बनाकर दो कर्मचारियों की हत्या कर दी और नकदी लूटकर फरार हो गए। जांच के दौरान इस मामले में भी लल्लन सिंह गिरोह का नाम सामने आया।
वाराणसी मुठभेड़ में मारे गए दो भाई
दरोगा अजय यादव पर हुए हमले के बाद पुलिस ने अपराधियों की तलाश तेज कर दी। इसी अभियान के दौरान नवंबर 2022 में वाराणसी के बड़ागांव क्षेत्र में पुलिस और लल्लन गिरोह के बीच मुठभेड़ हुई।
बताया जाता है कि मुठभेड़ के दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर गोलियां चलाईं। जवाबी कार्रवाई में लल्लन सिंह के दोनों भाई मनीष सिंह और रजनीश सिंह मारे गए, जबकि लल्लन अंधेरे और अफरातफरी का फायदा उठाकर मौके से भाग निकलने में सफल रहा। बाद में पुलिस ने लूटी गई सरकारी पिस्टल भी बरामद कर ली थी।
कई जिलों में दर्ज थे आपराधिक मुकदमे
पुलिस अभिलेखों के अनुसार लल्लन सिंह के खिलाफ हत्या, लूट, डकैती, अवैध हथियारों के प्रयोग, पुलिस पर हमले और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े अनेक मुकदमे दर्ज थे। उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में लूट की घटनाओं तथा वाराणसी के विभिन्न थानों में भी उसके खिलाफ मामले दर्ज बताए जाते हैं।
