बिजली बोर्ड की मरम्मत करते समय करंट लगने से सैलून कर्मी की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

बिजली बोर्ड की मरम्मत करते समय करंट लगने से सैलून कर्मी की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

वाराणसी (रणभेरी): शिवपुर थाना क्षेत्र के परमानंदपुर इलाके में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में 35 वर्षीय सैलून कर्मी की करंट लगने से मौत हो गई। घटना उस समय हुई जब वह अपने घर में बिजली के बोर्ड की मरम्मत कर रहे थे। अचानक उनका हाथ एक चालू विद्युत तार के संपर्क में आ गया, जिससे उन्हें तेज झटका लगा और वह मौके पर ही गंभीर रूप से घायल हो गए।

जानकारी के अनुसार, परमानंदपुर निवासी सोनू शर्मा सुबह अपने घर के बिजली बोर्ड में आई खराबी को ठीक करने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान लापरवाही या तकनीकी चूक के कारण उनका हाथ लाइव वायर से छू गया। तेज करंट लगते ही वह जोर से चीख पड़े और जमीन पर गिरकर तड़पने लगे।

पति की चीख सुनकर उनकी पत्नी प्रीति तत्काल कमरे में पहुंचीं। वहां का दृश्य देखकर वह घबरा गईं और मदद के लिए शोर मचाने लगीं। उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए बिजली का संपर्क बंद कराया और सोनू को तार से अलग किया।

इसके बाद परिजन और मोहल्ले के लोग उन्हें आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे। हालांकि चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी।

घटना की सूचना मिलते ही शिवपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने शव का पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जाएगी।

सोनू शर्मा पेशे से सैलून कर्मी थे और परिवार की आजीविका का मुख्य आधार थे। बताया जाता है कि उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी पूरी तरह उन्हीं के कंधों पर थी। उनकी असामयिक मृत्यु के बाद पत्नी प्रीति गहरे सदमे में हैं और लगातार रो-रोकर बेहाल हैं।

मृतक अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। उनका बड़ा बेटा कार्तिक लगभग आठ वर्ष का है, जबकि छोटा बेटा अंशु चार वर्ष का है। दोनों बच्चे अभी इतनी छोटी उम्र के हैं कि उन्हें अपने पिता के हमेशा के लिए बिछड़ जाने का पूरा एहसास भी नहीं है। घर में पसरे मातम और परिजनों की चीख-पुकार के बीच दोनों मासूम सहमे हुए नजर आए।

हादसे के बाद पूरे परमानंदपुर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मृतक के घर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, ताकि पत्नी और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सोनू मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे और मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी अचानक हुई मौत से क्षेत्र में शोक और संवेदना का माहौल बना हुआ है।

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