वाराणसी (रणभेरी): दालमंडी क्षेत्र में प्रस्तावित मॉडल सड़क एवं पुनर्विकास परियोजना को लेकर प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) ने कार्रवाई की रफ्तार बढ़ा दी है। क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे ध्वस्तीकरण अभियान के तहत अब बड़े और बहुमंजिला भवनों को हटाने के लिए भारी मशीनरी की मदद ली जा रही है। मंगलवार को सुबह से ही पोकलेन मशीनों द्वारा कई पुराने और खाली कराए जा चुके भवनों को गिराने का कार्य जारी रहा।
सोमवार शाम को भारी ध्वस्तीकरण मशीन को पुलिस सुरक्षा के बीच दालमंडी क्षेत्र में पहुंचाया गया। मशीन को अंदर तक ले जाने के लिए रास्ता साफ कराया गया और उसे परियोजना क्षेत्र के मध्य भाग में तैनात किया गया, जहां से आवश्यकता के अनुसार विभिन्न स्थानों पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
11 जून तक भवन खाली करने के निर्देश
परियोजना से प्रभावित भवनों और दुकानों को खाली कराने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। प्रशासन की ओर से सोमवार को क्षेत्र में मुनादी कराकर कई संपत्ति स्वामियों और कारोबारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने भवन खाली करने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि 11 जून के बाद बड़े स्तर पर ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जाएगा।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित समय के भीतर अपने सामान और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर लें ताकि कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।

जून के अंत तक भूमि खाली कराने का लक्ष्य
परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार विभाग का प्रयास है कि जून के अंतिम सप्ताह तक अधिकांश भूमि अतिक्रमण एवं निर्माणों से मुक्त हो जाए। इसके बाद सड़क निर्माण और सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों को गति दी जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि सड़क निर्माण का कार्य भी विभाग स्वयं कराएगा और इसे आधुनिक सुविधाओं से युक्त मॉडल सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा। योजना के तहत सड़क चौड़ीकरण, बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था, विद्युत सुविधाओं का आधुनिकीकरण तथा पैदल यात्रियों के लिए सुविधाजनक ढांचा तैयार किया जाएगा।

सैकड़ों संपत्तियां परियोजना के दायरे में
दालमंडी मॉडल सड़क परियोजना के लिए बड़ी संख्या में संपत्तियों को अधिग्रहण और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया में शामिल किया गया है। इनमें आवासीय भवनों के साथ-साथ धार्मिक और व्यावसायिक संरचनाएं भी शामिल हैं। क्षेत्र में बड़ी संख्या में दुकानें संचालित होती रही हैं, जिनमें से अधिकांश को पहले ही खाली कराया जा चुका है।
ध्वस्तीकरण अभियान की शुरुआत पिछले वर्ष के अंत में की गई थी। तब से अब तक दर्जनों भवन हटाए जा चुके हैं, जबकि शेष संरचनाओं पर चरणबद्ध कार्रवाई जारी है। कई भवनों में अभी भी आंतरिक तोड़फोड़ और सामग्री हटाने का कार्य चल रहा है।
पुलिस और प्रशासन की निगरानी में कार्रवाई
पूरे अभियान के दौरान पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है। अधिकारियों का कहना है कि ध्वस्तीकरण कार्य को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से पूरा कराया जा रहा है। मशीनों की मदद से उन भवनों को प्राथमिकता के आधार पर हटाया जा रहा है जो पहले से खाली कराए जा चुके हैं या जिनकी संरचनाएं कमजोर हो चुकी हैं।
सोमवार को हुई कार्रवाई के दौरान भी कई जर्जर भवनों को गिराया गया, जिसके बाद वहां केवल मलबा शेष रह गया। विभाग की टीमें लगातार मलबा हटाने और अगले चरण की तैयारी में जुटी हुई हैं।
मॉडल सड़क परियोजना से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर
प्रशासन का दावा है कि परियोजना पूरी होने के बाद दालमंडी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक सुगम होगी। संकरी गलियों और भीड़भाड़ से जूझ रहे इस इलाके को चौड़ी एवं आधुनिक सड़क सुविधा मिलने की उम्मीद है। साथ ही क्षेत्र के व्यावसायिक और पर्यटन महत्व को भी नई पहचान मिलने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में ध्वस्तीकरण, मलबा हटाने और भवन खाली कराने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है, जबकि आगामी दिनों में अभियान और तेज होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
