पानी, सही पोषण व सावधानी आपको रख सकती है सुरक्षित : डॉ. साक्षी पांडेय
वाराणसी (रणभेरी )। जब सूरज सिर्फ रोशनी नहीं, बल्कि आग बरसाने लगे…जब घर से बाहर निकलते ही ऐसा लगे जैसे किसी ने चेहरे पर गर्म हवा का थपेड़े मार दिया हो…तब समझ जाइये यह सामान्य गर्मी नहीं, हीटवेव है। डॉ. साक्षी पांडेय ने कहा कि मई के महीने में सूरज जैसे आसमान से आग बरसा रहा है। सड़क पर चलते लोग अपने चेहरे को ढक रहे हैं। लेकिन फिर भी गर्म हवाओं के थपेड़ें शरीर को थका रहे हैं। गर्मी में एक व्यक्ति जल्दी-जल्दी घर पहुंचने की कोशिश कर रहा था। लेकिन कुछ देर बाद उसे चक्कर आने लगा, सिर भारी हो गया और शरीर कमजोर हो गया। यह सिर्फ गर्मी नहीं बल्कि हीटवेव का असर था। डॉ. साक्षी पांडेय का कहना है कि आजकल बढ़ती गर्मी और बदलते मौसम के कारण हीटवेव आम होती जा रही है। हीटवेव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा भी बन सकता है। अत्यधिक गर्मी शरीर से पानी जरुरी मिनरल्स कम कर देती है, जिससे डिहाइड्रेशन, कमजोरी, चक्कर, सिरदर्द और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती है।
बचाव के लिए क्या करें उपाय
- दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करते रहें।
- नारियल पानी का सेवन करें।
- गोंद कतीरा को रातभर भिंगोकर दूध या पानी में ले सकते हैं।
- केला, चुटकी भर नमक लेने से इलेक्ट्रोलाइट संतुलन में मदद मिलेगी।
- नींबू पानी, छाछ, लस्सी, बेल शरबत व अन्य तरल पदार्थ लें।
- हल्के रंग के और सूती कपड़े पहनें, दोपहर 12 से चार बजे तक धूप से बचें
गर्मी में क्या न करें-
- खाली पेट धूप में न निकलें।
- बहुत ज्यादा चाय, कॉफी और शक्कर वाले ड्रिंक्स न लें।
- तला-भुना और भा भोजन ज्यादा न लें।
- चक्कर, कमजोरी या सिरदर्द जैसे संकेतों को नजर अंदाज न करें।
- पानी, सही पोषण और थोड़ी सावधानी आपको सुरक्षित रख सकती है।
