ट्रेनों और अस्पताल में तीन लोगों की हत्या के बाद पुलिस मुठभेड़ में खत्म हुआ खूनी खेल
(रणभेरी): उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में लगातार तीन सनसनीखेज हत्याओं से दहशत फैलाने वाले पूर्व सैनिक गुरप्रीत सिंह का सोमवार देर रात पुलिस एनकाउंटर में अंत हो गया। आरोपी ने महज 26 घंटे के भीतर दो ट्रेनों और एक अस्पताल में तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। तीनों हत्याओं का तरीका लगभग एक जैसा था-पीड़ितों की कनपटी पर बेहद करीब से गोली दागी गई थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी को घटनास्थलों पर ले जाकर क्राइम सीन दोबारा समझाने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान उसने एक पुलिस अधिकारी की पिस्टल छीन ली और फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। सिर और सीने में गोली लगने के बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ दरियापुर रेलवे लाइन के पास हुई। इस दौरान दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए।

सेना से रिटायर होने के बाद बदल गया व्यवहार
45 वर्षीय गुरप्रीत सिंह पंजाब के तरनतारन जिले का रहने वाला था। वह करीब छह वर्ष पहले सेना से सेवानिवृत्त हुआ था। परिवार में पत्नी, दो बच्चे, पिता और भाई हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि रिटायरमेंट के बाद उसका व्यवहार असामान्य होता चला गया। हाल ही में वह बिहार के आरा शहर में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करने गया था, लेकिन शराब पीकर हंगामा करने के कारण उसे नौकरी से निकाल दिया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नौकरी छूटने के बाद वह मानसिक रूप से अस्थिर रहने लगा। वह लगातार ट्रेनों में घूमता रहा, शराब के नशे में यात्रियों से झगड़ा करता और हिंसक हो जाता था।

26 घंटे में तीन खौफनाक हत्याएं
- पैसेंजर ट्रेन में पहली हत्या
रविवार सुबह चंदौली के पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से निकली पैसेंजर ट्रेन में आरोपी की एक यात्री से बहस हो गई। विवाद बढ़ने पर उसने युवक के सिर पर गोली मार दी। इसके बाद शव को ट्रेन से नीचे फेंक दिया और ट्रेन की रफ्तार धीमी होते ही फरार हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी बेहद शांत दिख रहा था, लेकिन अचानक उसने तमंचा निकालकर फायर कर दिया। गोली लगते ही डिब्बे में अफरा-तफरी मच गई।
- जम्मूतवी एक्सप्रेस में दूसरी वारदात
पहली हत्या के कुछ घंटों बाद आरोपी दूसरी ट्रेन में सवार हुआ। देर रात जम्मूतवी एक्सप्रेस में एक यात्री बाथरूम गया था। जैसे ही वह बाहर निकला, आरोपी ने उसकी कनपटी पर गोली मार दी। गोली चलने से यात्री वहीं गिर पड़ा और खून फैल गया।पत्नी और अन्य यात्रियों ने चीख-पुकार शुरू कर दी। ट्रेन की रफ्तार कम होने का फायदा उठाकर आरोपी मौके से कूदकर भाग निकला।
- अस्पताल में घुसकर महिला की हत्या
सोमवार सुबह आरोपी चंदौली के एक निजी अस्पताल पहुंचा। उसने पहले खुद को मरीज बताकर पर्ची बनवाई और बीपी जांच करवाई। अस्पताल कर्मचारियों के मुताबिक उसका ब्लड प्रेशर सामान्य था, लेकिन पल्स रेट काफी तेज थी।
कुछ देर बाद वह एक महिला मरीज के बेड तक पहुंचा और बेहद करीब से उसके सिर में गोली मार दी। अस्पताल परिसर में अचानक भगदड़ मच गई। आरोपी फायरिंग करते हुए बाहर भागने लगा, लेकिन मौजूद लोगों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया।
एक ऑटो चालक ने साहस दिखाते हुए आरोपी को दबोच लिया और हथियार छीन लिया। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने उसकी जमकर पिटाई कर दी। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और उसे हिरासत में लिया।
पूछताछ में कबूले तीनों कत्ल
पुलिस हिरासत में आरोपी ने बेहद चौंकाने वाले बयान दिए। उसने कहा कि शराब पीने के बाद उसे होश नहीं रहता और जो मन में आता है, वही करता है। उसने खुद स्वीकार किया कि वह “दो-तीन लोगों को मार चुका है।”
पहले पुलिस को लगा कि आरोपी मानसिक रूप से अस्थिर है, लेकिन बाद में जब तीनों घटनाओं का पैटर्न एक जैसा मिला तो जांच तेज कर दी गई। ट्रेन में मौजूद यात्रियों और अस्पताल के गवाहों के बयान मिलाने पर आरोपी की पहचान पक्की हुई।
पुलिस को ऐसे मिला सीरियल किलर का सुराग
लगातार दो ट्रेनों में हुई हत्याओं ने पुलिस को शक में डाल दिया था। दोनों मामलों में एक जैसी गोलीबारी और कनपटी पर निशाना साधे जाने से पुलिस ने अंदाजा लगा लिया कि हत्यारा एक ही हो सकता है।
इसके बाद अस्पताल में हुई तीसरी हत्या ने पुलिस की आशंका को मजबूत कर दिया। अस्पताल से पकड़े गए आरोपी का हुलिया ट्रेन यात्रियों द्वारा बताए गए व्यक्ति से मेल खा गया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने सभी वारदातें कबूल कर लीं।
डॉक्टरों ने बताई मानसिक स्थिति
अस्पताल प्रशासन के अनुसार आरोपी की बीपी सामान्य थी, लेकिन उसकी पल्स सामान्य से अधिक थी। डॉक्टरों ने बताया कि ऐसी स्थिति कई बार गंभीर चिंता, तनाव या मानसिक अस्थिरता का संकेत हो सकती है। हालांकि, पुलिस अभी उसकी मानसिक स्थिति और मेडिकल रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

पूरे इलाके में फैली दहशत
दो ट्रेनों और अस्पताल में हुई लगातार हत्याओं ने वाराणसी और चंदौली इलाके में दहशत फैला दी थी। लोग रेलवे यात्रा और अस्पतालों तक में खुद को असुरक्षित महसूस करने लगे थे। आरोपी के एनकाउंटर के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
