वाराणसी (रणभेरी): शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक युवती ने आरोप लगाया है कि एक युवक ने अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर उससे प्रेम संबंध स्थापित किए, बाद में विवाह किया और फिर उसके साथ शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न किया। मामला तब और गंभीर हो गया जब आरोपी पुलिस हिरासत से ही फरार हो गया।
पहचान छिपाकर रिश्ते की शुरुआत का आरोप
पीड़िता, जो शादी-विवाह समारोहों में कैटरिंग का काम करती है, ने बताया कि उसकी मुलाकात वर्ष 2024 में एक कार्यक्रम के दौरान एक युवक से हुई थी। युवक ने खुद को हिंदू बताते हुए उसे काम दिलाने का भरोसा दिया। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और संबंध गहरे हो गए। युवती का आरोप है कि युवक उसे काम के बहाने अलग-अलग स्थानों पर ले जाता था और कई बार उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान उसने अपनी असली पहचान छिपाए रखी।

हिंदू रीति-रिवाज से शादी, बाद में खुली सच्चाई
पीड़िता के अनुसार, मार्च 2025 में युवक ने हिंदू परंपरा के अनुसार मंदिर में उससे शादी की। शादी में युवक के परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। युवती के परिवार ने इस विवाह में आर्थिक खर्च भी उठाया। शादी के बाद युवक उसे अपने घर ले जाने के बजाय किराए के मकान में रखता रहा। कुछ समय बाद उसकी गतिविधियों से युवती को संदेह हुआ और सच्चाई सामने आई कि युवक ने अपनी पहचान छिपाई थी।

धर्म परिवर्तन और प्रताड़ना के आरोप
युवती का कहना है कि जब उसने इस पर आपत्ति जताई, तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। आरोप है कि युवक के परिवार के अन्य सदस्य भी इस दबाव में शामिल थे और विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उसे कुछ समय के लिए बंधक बनाकर रखा गया, जहां उसके साथ लगातार दुर्व्यवहार किया गया। किसी तरह वह वहां से निकलकर अपने परिवार तक पहुंची और पूरी घटना की जानकारी दी।

मानव तस्करी की आशंका
मामले में एक और चौंकाने वाला आरोप यह है कि आरोपी और उसके परिचितों द्वारा युवती को अवैध गतिविधियों में धकेलने और बाहर शहर ले जाकर बेचने की योजना बनाई जा रही थी। पीड़िता का दावा है कि उसे ऐसी बातें सुनने को मिलीं और मोबाइल चैट में भी संदिग्ध जानकारी देखी।
पुलिस कार्रवाई और लापरवाही पर सवाल
पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को हिरासत में लिया था। लेकिन शाम के समय, जब कानूनी प्रक्रिया चल रही थी, आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़िता के पक्ष के लोगों का कहना है कि आरोपी के फरार होने से उन्हें सुरक्षा का खतरा महसूस हो रहा है।

पुलिस की प्रतिक्रिया
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और आरोपी की तलाश के लिए टीमों का गठन किया गया है। साथ ही, घटना की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जाएगी।
