(रणभेरी): मोइरांग के ट्रोंगलाओबी इलाके में उग्रवादियों द्वारा फेंके गए बम से एक परिवार तबाह हो गया। घटना में पांच साल का एक लड़का और छह महीने की बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। घायल मां का इलाज चल रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब बम फटा, तब दो बच्चे और उनकी मां अपने बेडरूम में सो रहे थे। पुलिस ने बताया कि घायल महिला गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है।

स्थानीय लोगों का विरोध-प्रदर्शन
हमले के विरोध में मंगलवार सुबह स्थानीय लोगों ने मोइरांग में सड़क पर प्रदर्शन किया। पेट्रोल पंप के पास दो ऑयल टैंकर और एक ट्रक में आग लगा दी गई। प्रदर्शनकारियों ने मोइरांग पुलिस स्टेशन के सामने टायर जलाए और एक पुलिस चौकी को तोड़ दिया। सुरक्षा बलों को स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए तैनात किया गया।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक
मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने मंगलवार सुबह पीड़ित मां से अस्पताल में मुलाकात की। उन्होंने कहा कि इस बर्बर अपराध के लिए जिम्मेदार लोगों को जल्द ही कानून के अनुसार सजा दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने इसे इंसानियत पर हमला करार देते हुए कहा कि यह हमला मणिपुर में मिल रही शांति को बाधित करने की कोशिश है।

मोइरांग का संवेदनशील इतिहास
मणिपुर के मोइरांग इलाके की ट्रोंगलाओबी पहाड़ी चुराचांदपुर के पास स्थित है। 2023 और 2024 में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय संघर्ष के दौरान यहां कई बार गोलीबारी और हिंसा हुई थी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को ट्रोंगलाओबी के पास एक एक्सप्लोसिव डिवाइस भी बरामद किया गया। स्थानीय NPP विधायक शांति सिंह ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि ऐसे अमानवीय कृत्यों की समाज में कोई जगह नहीं है और इन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
