काशी कोतवाल कालभैरव का दर्शन करना अब हुआ दूभर

काशी कोतवाल कालभैरव का दर्शन करना अब हुआ दूभर
  • गोलघर से कालभैरव जाने वाले मार्ग पर भारी अतिक्रमण
  • भीड़ इतनी कि पैदल चलना भी हुआ मुश्किल
  • बाबा के भरोसे चल रहा है पूरा इलाका
  • गोलघर से भैरोंनाथ, विशेश्वरगंज से भैरोनाथ तक रोजाना रहता है जाम की गिरफ्त में
  • गोलघर गौशाला का पूरा इलाका ई-रिक्शा वालों के कब्जे में, खुलेआम चल रही है मनमानी

राधेश्याम कमल

वाराणसी (रणभेरी): काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव का दर्शन-पूजन करना अब आम दर्शनार्थियों के लिए दूभर बनता जा रहा है। वजह इन इलाकों में भारी अतिक्रमण के चलते अब आमजनों का इधर से गुजरना मुश्किल हो गया है। गोलघर से भैरवनाथ मंदिर जाने वाले मार्ग पर इतना ज्यादा अतिक्रमण है कि इस पर इस पर पैदल चलना भी मुश्किल कार्य है। ऊपर से इन तंग गलियों में भीड़ का सैलाब जिसके चलते उधर से गुजरना भी एक कठिन कार्य है। गोलघर से भैरवनाथ एवं विशेश्वरगंज से भैरवनाथ तक रोजाना जाम की गिरफ्त में रहता है। इन दिनों गोलघर स्थित गौशाला का पूरा इलाका ई-रिक्शा वालों के कब्जे में चला गया है। गोलघर गौशाला से लेकर पराड़कर भवन तक ई-रिक्शा एवं टेम्पो तथा दुपहिया वाहनों की भरमार होने से कोई भी आदमी बड़ी आसानी से इधर से नहीं गुजर सकता है।

पूरे इलाके में खुलेआम मनमानी चल रही है। बगल में ही कोतवाली थाना भी है लेकिन पता नहीं क्यों पुलिस इन सब चीजों को अनदेखी क्यों कर रही है। बाबा कालभैरव का दर्शन करने के लिए रोजाना दर्शनार्थियों की लंबी लाइन लगती है। कभी-कभी यह लाइन विशेश्वरगंज सड़क से लगनी शुरू होती है। कभी-कभी तो यह लाइन चौखम्भा से लगनी शुरू होती है। रविवार को यह दृश्य देखने को मिलता है। कहते हैं कि बाबा कालभैरवमंदिर में पहले इतनी भीड़ नहीं होती थी। कोरोना काल के बाद से कालभैरव मंदिर में भीड़ बढ़नी शुरू हो गई। आज यह स्थिति आ गई है कि गोलघर से कालभैरव मंदिर जाना भी मुश्किल कार्य है।

काशी कोतवाल कालभैरव का दर्शन करना अब हुआ दूभर

कभी काशी कोतवाल कालभैरव बाबा का दर्शन करना है तो गोलघर की ओर आते ही यह अहसास होगा कि हम किस इलाके में हैं। सामने से बदहवास लोगों की आती हुई भीड़, मंदिर का पता पूछती हुई भीड़ को देख कर आम आदमी सकते में आ जाता है। इन लोगों के सैलाब के बीच अगर कोई आदमी फंस जाता है तो उसको घंटों उसमें से बाहर निकलना बड़ा मुश्किल हो जाता है। अगर भीड़ को चीरते हुए कोई कालभैरव मंदिर तक पहुंच भी जाता है तो वहां चौराहे पर दुपहिया वाहनों के खड़े होने से उस जगह से निकलना बड़ा कठिन कार्य है। कालभैरव चौराहे के बीचोबीच पुलिस ने नो पार्किंग का बोर्ड लगा रखा है यहां पर दुपहिया वाहन खड़ा करना मना है। बावजूद इसके यह चौराहा पूरी तरह से दुपहिया वाहनों से भरा रहता है। वाहन इतने बेतरतीब ढंग से खड़े कर दिये जाते हैं कि आम आदमियों को इस भावरजाल से निकलना दुरूह कार्य है।

काशी कोतवाल कालभैरव का दर्शन करना अब हुआ दूभर

गोलघर से लेकर कालभैरव मंदिर जाने वाले मार्ग पर दोनों ओर इतना अतिक्रमण कर लिया गया है कि उस पर आमजनों का पैदल चलना भी मुश्किल कार्य है। रविवार और मंगलवार कालभैरव का दिन होने के चलते इन दोनों दिनों यहां की गलियों में लोगों की ठसाठस भीड़ उमड़ती है। काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव को लेकर काशीवासियों की तो पूरी आस्था एवं भक्ति है। यही आस्था व श्रद्धा देश के विभिन्न कोनों से बाबा का दर्शन करने आये श्रद्धालुओं की है। ऐसी मान्यता है कि जो श्रद्धालु काशी विश्वनाथ का दर्शन पूजन करते हैं अगर वह बाबा कालभैरव रव का दर्शन नहीं करते हैं तो उनकी पूजा अधूरी मानी जाती है।

शायद यही वजह है कि जो लोग बाबा काशी विवनाथ का दर्शन- पूजन करते हैं वह बाबा कालभैरव का दर्शन करने जरुर आते हैं। यही वजह है कि यहां पर रोजाना लोगों का सैलाब उमड़ा रहता है। कालभैरव मंदिर जाने के लिए प्रधान डाकघर (विशेश्वरगंज) की ओर से मुख्य गेट बनाया गया है। यहां पर सिर्फ दर्शनार्थियों के आने-जाने के लिए रास्ता छोड़ा गया है। बावजूद इसके इन दर्शनार्थियों की परवाह न करते हुए उनकी भीड़ में बाइक सवार मजे से आते जाते रहते हैं।

मुख्य गेट से लेकर भैरोंनाथ चौराहे तक दुकानों की दोनों पटरियों पर भारी अतिक्रमण तो है ही साथ ही दुकानों के बाहर दुपहिया वाहन भी बड़े आराम से खड़े कर दिये जाते हैं। इसके चलते इन मार्गाें पर हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। हालात यह है कि भैरवनाथ चौराहे से आगे बढ़ना बड़ा ही कठिन कार्य है। इस संकरे मार्ग पर हमेशा बाहर से आये दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ती रहती है। इसका खामियाजा स्थानीय नागरिकों को उठाना पड़ता है जो अपने घर के लिए जाते हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है कि जिन लोगों का यहां पर मकान है वह भारी भीड़ के चलते अपने ही घर बड़ी मुश्किल से पहुंचते हैं। सच तो यह है कि यह पूरा इलाका बाबा के भरोसे ही चल रहा है।

Share this news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *