पश्चिम एशिया के तनाव का असर वाराणसी की रसोईघरों तक, एलपीजी सिलिंडर की किल्लत से एक लाख से ज्यादा उपभोक्ता परेशान

पश्चिम एशिया के तनाव का असर वाराणसी की रसोईघरों तक, एलपीजी सिलिंडर की किल्लत से एक लाख से ज्यादा उपभोक्ता परेशान

वाराणसी (रणभेरी): पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब आम लोगों की रसोई तक दिखाई देने लगा है। जिले में घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी गैस सिलिंडरों की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। सिलिंडर मिलने में देरी होने से उपभोक्ताओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अनुमान है कि जिले के एक लाख से अधिक उपभोक्ता इस समस्या से प्रभावित हैं।

इस समय सहालग का दौर चल रहा है और रोजाना बड़ी संख्या में शादी समारोह हो रहे हैं। ऐसे में व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की कमी ने कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई परिवारों को शादी-ब्याह के कार्यक्रमों के लिए सिलिंडर जुटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। कुछ लोग रिश्तेदारों या पड़ोसियों से घरेलू सिलिंडर लेकर काम चला रहे हैं, जबकि कई जगहों पर मजबूरी में लकड़ी और पारंपरिक ईंधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े मनोज केसरी का कहना है कि शादी के एक कार्यक्रम में सामान्य तौर पर 10 या उससे अधिक सिलिंडर की जरूरत पड़ती है, लेकिन इन दिनों दो-तीन सिलिंडर भी मुश्किल से मिल पा रहे हैं। हाल ही में एक कार्यक्रम के लिए उन्होंने किसी तरह छह सिलिंडर का इंतजाम किया और बाकी काम के लिए लकड़ी और कोयले का सहारा लेना पड़ा। वहीं एक अन्य कैटरर राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि मंगलवार को आयोजित एक शादी समारोह में उन्हें गैस सिलिंडर ही उपलब्ध नहीं हो सका।

गैस एजेंसियों पर बढ़ी भीड़

आपूर्ति कम होने के कारण शहर की गैस एजेंसियों पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं। कई लोगों का कहना है कि बुकिंग कराने के बावजूद समय पर सिलिंडर की डिलीवरी नहीं हो रही है। इस वजह से कई जगह उपभोक्ताओं और एजेंसी कर्मचारियों के बीच बहस की स्थिति भी बन रही है।

पैकेजिंग उद्योग भी संकट में

गैस की कमी का असर अब औद्योगिक क्षेत्र पर भी पड़ने लगा है। कॉरुगेटेड बॉक्स बनाने वाले उद्योगों में उत्पादन प्रभावित हो रहा है। इंडस्ट्रियल एस्टेट चांदपुर में उत्तर प्रदेश कॉरुगेटेड बॉक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन की बैठक में उद्यमियों ने इस समस्या पर चिंता जताई। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश भाटिया के अनुसार वाराणसी का यह उद्योग पूर्वांचल के साथ-साथ बिहार और झारखंड के कई हिस्सों को पैकेजिंग बॉक्स की आपूर्ति करता है, लेकिन गैस की कमी के कारण उत्पादन लगभग ठप होने की स्थिति में पहुंच गया है।

घरेलू सिलिंडर का बढ़ा इस्तेमाल

व्यावसायिक सिलिंडर की कमी के बीच कई होटल, रेस्टोरेंट और ठेले वाले घरेलू सिलिंडर का उपयोग करते देखे जा रहे हैं। नियमों के खिलाफ होने के बावजूद यह सिलसिला जारी है। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान भी हो रहा है।

गैस एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कुछ कंपनियों द्वारा व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति कम किए जाने से अचानक मांग बढ़ गई है। हालांकि आम उपभोक्ताओं के लिए ऑनलाइन बुकिंग और होम डिलीवरी की सुविधा जारी है। वहीं 25 दिन के अंतराल में दोबारा बुकिंग के नियम के कारण भी कुछ उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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