गुनाहों की मांगी माफी, इबादत में गुजारी रात, इबादतगाहों में रही भीड़, पूर्वजों को किया याद
वाराणसी (रणभेरी): शब-ए-बरात पर इबादतगुजारों ने बीती रात इबादत में गुजारी। कब्रिस्तानों और इबादतगाहों में गुलपोशी और चिराग रोशन कर अकीदत पेश की। घरों और मस्जिदों में में रात भर इबादतों का सिलसिला जारी रहा। इसके पहले पूर्वजों के नाम पर फातिहा कराया गया। शब-ए-बरात पर एक ओर जहां लोगों ने नफिल नमाज अदा की और कुरान तिलावत में पूरी रात गुजारी।
वहीं कब्रिस्तानों और दरगाहों पर भी फातिहा पढ़ कर दुनिया से रुखसत हो चुके पूर्वजों या रिश्तेदारों के लिए दुआ की। सर्वप्रथम भोर में उठ कर लोगों ने नफिल रोजे की नीयत से सहरी की। रोजे की हालत में ही इबादत करते हुए दिन गुजरा। घर की महिलाओं ने विभिन्न किस्म के हलुआ बना कर नज्क दिलाई।
मगरिब की नमाज गूंजते ही सभी ने इफ्तार किया। इशां की नमाज के बाद आस्तानों-कब्रगाहों पर फातिहा पढ़ने के लिए लोग निकल पड़े। एक आस्ताने से दूसरे आस्ताने और एक कब्रिस्तान से दूसरे कब्रिस्तन तक आने व जाने का सिलसिला रात भर जारी रहा।
शहर के फातमान, लल्लापुरा, नईसड़क, पीलीकोठी, बड़ी बाजार, कज्जाकपुरा, जलालीपुरा, कोनिया, सरैया, छित्तनपुरा, दोषीपुरा, बड़ीबाजार, औरंगाबाद, सलारपुरा आदि इलाकों के कब्रिस्तानों व मजारों तथा इबादतगाहों पर काफी भीड़ रही।
