इस बार शिव बारात में दिखेगी मसाने की होली, बरसाने के साथ ही होगी हरियाणा, पंजाब की होली
डॉ. अनुराग टंडन बनेंगे दूल्हा, बदरुद्दीन अहमद दुल्हन, अमरनाथ शर्मा डैडी बनेंगे सहवल्ला
राधेश्याम कमल
वाराणसी (रणभेरी): महाशिवरात्रि पर निकलने वाली अड़भंगी शिव बारात इस बार होली विशेषांक पर आधारित होगी। शिव बारात में इस बार काशी के मसाने की होली से लेकर बरसाने की लठ्ठमार होली के साथ ही जाटों की होली, पंजाब की होली, हरियाणा की होली, कर्नाटक की होली समेत कई राज्यों के होली की झांकियां देखने को मिलेगी। इस बार शिव बारात फगुनोत्सव होली विशेषांक के रूप में निकाली जायेगी। इस बार शिव बारात में शहर के प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. अनुराग टंडन दूल्हा एवं व्यापारी नेता बदरुद्दीन अहमद दुल्हन बनेंगे।
जबकि अमरनाथ शर्मा डैडी सहवल्ला बनेंगे। शिव बारात समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस बार शिव बारात में कोई राष्ट्रीय मुद्दा नहीं रहेगा। आजकल लोग परेशान हैं। इसलिए इस बार शिवबारात की थीम है- हर आदमी है टेंशन में आओ थोड़ा गुनगुनाया जाय। अब की शिवबारात में फगुनोत्सव के साथ ही मदारी, सपेरे, शिव के गण के अलावा अन्य झांकियां भी होगी। भूत-पिशाच-प्रेत आदि सभी नाचते गाते हुए चलेंगे।
इस बार शिव बारात 15 फरवरी को सायं सात बजे वृद्धकाल (दारानगर) स्थित महामृत्युंजय महादेव मंदिर से परछन के बाद गाजे-बाजे के संग निकाली जायेगी। शिव बारात में तकरीबन तीन दर्जन लॉग-विमान एवं झांकियां रहेगी। इसके साथ ही एक विशाल शिवलिंग भी रथ पर रहेगा। शिव बारात में शिव भक्तों के साथ ही महिलाओं की भी टोली नाचते गाते चलेगी। मैदागिन से लेकर डेढ़सी पुल (दशाश्वमेध) तक ठंडई का वितरण किया जायेगा। भंग एवं ठंडई की तरंग में लोग नाचते-झूमते आगे बढ़ेंगे।
विश्वनाथ मंदिर में सोना चोरी के बाद से निकल रही है शिव बारात
काशी वैसे तो शिव की नगरी के नाम से पूरी दुनिया में विख्यात है। गौरतलब है कि शिव की नगरी काशी में शिव बारात के पूर्व शिव के नाम पर कोई आयोजन नहीं था। धार्मिक उत्सवों के शहर में नाटीइमली का भरत मिलाप, चेतगंज की नक्कटैया, तुलसीघाट की नागनथैया जैसे लक्खा मेला की भीड़ में बाबा का उत्सव गायब था। 1983 में जब काशी विश्वनाथ मंदिर में सोना चोरी हुआ और इसकी बरामदगी हुई तब पहली बार काशी के कुथ मानिंद लोगों ने बैठ कर उत्सव मनाने के लिए शिव बारात निकालने का निर्णय लिया।
इसके संयोजक प्रसिद्ध अधिवक्ता स्व. केके आनंद एडवोकेट बनाये गये जबकि सह संयोजक दिलीप सिंह बनाये गये। कमेटी में सात्यिकार स्व. धर्मशील चतुर्वेदी, पत्रकार स्व. सुशील त्रिपाठी, कैलाश केशरी, मुस्लिम लीग के मोहम्मद इकराम खां रहे। बैठक में यह तय हुआ कि बारात किसी जाति या धर्म की न होकर पूरी तरह से काशी की होगी। इसी तर्ज पर सभी अच्छे लोगों को शिव बारात में आमंत्रित किया गया।
