गंगा के फ्लड जोन में अवैध कब्जों पर चला बुलडोजर, 35 बिस्वा जमीन से हटाई गई अवैध प्लाटिंग

गंगा के फ्लड जोन में अवैध कब्जों पर चला बुलडोजर, 35 बिस्वा जमीन से हटाई गई अवैध प्लाटिंग

सामने घाट क्षेत्र में नगर निगम की बड़ी कार्रवाई, बाउंड्रीवाल और सीढ़ियां ध्वस्त; नगर आयुक्त ने दी एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी

वाराणसी (रणभेरी): गंगा नदी के प्राकृतिक प्रवाह और सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के निर्देश पर शनिवार को नगर निगम के राजस्व विभाग की टीम ने सामने घाट क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 35 बिस्वा सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान गंगा किनारे की जमीन पर की गई अवैध प्लाटिंग, बाउंड्रीवाल और सीढ़ियों को बुलडोजर से गिरा दिया गया। देर शाम तक चले इस अभियान से क्षेत्र में अतिक्रमणकारियों और कथित भू-माफियाओं में हड़कंप मचा रहा।

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के मुताबिक, नगर निगम प्रशासन को सूचना मिल रही थी कि सामने घाट क्षेत्र में गंगा नदी के किनारे और सार्वजनिक भूमि पर अवैध रूप से बाउंड्रीवाल बनाकर प्लाटिंग की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्व विभाग की विशेष टीम गठित कर मौके पर जांच और पैमाइश के निर्देश दिए गए थे।

जांच के दौरान सामने आया कि अतिक्रमणकारियों ने सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर कब्जा करने के साथ ही गंगा के प्राकृतिक जल प्रवाह क्षेत्र यानी फ्लड जोन तक निर्माण कर लिया था। यहां पक्की बाउंड्रीवाल और सीढ़ियां बनाई गई थीं। इसके बाद नगर निगम की टीम भारी पुलिस बल और प्रवर्तन दल के साथ मौके पर पहुंची और अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी।

खुद अतिक्रमण हटाने के लिए मांगा समय

कार्रवाई के दौरान कुछ कब्जेदारों ने अधिकारियों से खुद ही अतिक्रमण हटाने के लिए समय मांगा। हालांकि, नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया कि गंगा नदी के प्रवाह क्षेत्र और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। अभियान के दौरान अवैध रूप से बनाई गई दीवारों और सीढ़ियों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।

कब्जा करने वालों पर दर्ज होगी एफआईआर

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि गंगा काशी की जीवनरेखा है। इसके प्राकृतिक प्रवाह क्षेत्र से किसी को भी खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकारी जमीन, सार्वजनिक पार्क, तालाब और गंगा किनारे की भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा या अनधिकृत निर्माण बर्दाश्त नहीं होगा। ऐसे मामलों में ध्वस्तीकरण के साथ नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।

शहर के संवेदनशील इलाकों पर रहेगी नजर

नगर आयुक्त ने राजस्व विभाग और जोनल अधिकारियों को शहर के सभी संवेदनशील क्षेत्रों और नदी तटीय इलाकों को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। इन स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर जहां भी अतिक्रमण मिले, वहां बिना किसी दबाव के निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। नगर निगम ने साफ कर दिया है कि अतिक्रमण के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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