महाभिषेक के बाद फूलों और सिंदूर से हुआ बाबा का भव्य शृंगार, महाआरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए खुले मंदिर के कपाट
वाराणसी (रणभेरी): श्रीकाशी विश्वनाथ धाम स्थित अक्षयवट हनुमान मंदिर में जन्मोत्सव धूमधाम और श्रद्धाभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शनिवार की आधी रात से ही विशेष पूजन-अर्चन का सिलसिला शुरू हो गया। रविवार सुबह बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर में विधि-विधान से महाभिषेक, पूजन और भव्य शृंगार किया गया। बाबा को 51 किलो लड्डुओं का भोग अर्पित किया गया।
मंदिर के सेवादार सतीश गिरी ने बताया कि शनिवार आधी रात को नरक चतुर्दशी और अमावस्या के संधिकाल में विशेष पूजा शुरू हुई। इस दौरान बाबा का दूध, दही, घी, शहद और चीनी से तैयार पंचामृत से महाभिषेक किया गया। इसके बाद प्रतिमा पर तेल और सिंदूर का लेपन कर विधिवत पूजन किया गया।

महाभिषेक के बाद बाबा को नवीन वस्त्र धारण कराए गए। बेला, तुलसी, गेंदा और कुंद के फूलों से उनका भव्य शृंगार किया गया। इसके बाद 51 किलो लड्डू, विभिन्न मिठाइयों और मौसमी फलों का भोग लगाया गया। रविवार सुबह मुख्य महंत रमेश गिरी ने विधि-विधान से महाआरती की। आरती के बाद श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए गए।
कपाट खुलते ही मंदिर परिसर जय श्रीराम और जय बजरंगबली के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बाबा के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान सेवादार सतीश गिरी और अंकित मिश्रा ने भक्तों के बीच प्रसाद वितरित किया।
संकटमोचन मंदिर में भी उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
दिवाली के अवसर पर काशी के प्रसिद्ध संकटमोचन मंदिर में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिर में हनुमान जी की विशेष झांकी सजाई गई, जिसके दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन कर बजरंगबली से परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना की। पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा।
