चंद्रोदय शाम 7:57 बजे, बादल छाए रहने पर रात 8:10 बजे तक व्रत खोल सकती हैं महिलाएं
वाराणसी (रणभेरी): अखंड सौभाग्य, पति की दीर्घायु और दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि की कामना के साथ बृहस्पतिवार को सुहागिनें करवा चौथ का निर्जला व्रत रखेंगी। पर्व को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह है। कोई सोलह शृंगार कर पूजा की तैयारी में जुटी है तो कोई पूजन सामग्री, करवा, छलनी और पूजा के वस्त्रों की खरीदारी में व्यस्त है। दिनभर बिना अन्न-जल ग्रहण किए व्रत रखने के बाद महिलाएं शाम को भगवान शिव, माता पार्वती, कार्तिकेय और प्रथम पूज्य गणेश की विधि-विधान से आराधना करेंगी।
इसके बाद चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य देंगी और पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत का पारण करेंगी। बीएचयू के ज्योतिषाचार्य प्रो. सुभाष पांडेय के अनुसार, काशी में इस बार चंद्रोदय शाम 7:57 बजे होगा। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार चंद्रमा छह मिनट पहले दिखाई देगा। हालांकि, मौसम खराब होने या बादलों के कारण चंद्रमा के दर्शन नहीं हो पाने की स्थिति में रात 8:10 बजे तक व्रत खोलने की बात कही गई है। इस बार व्रत की कुल अवधि 14 घंटे 57 मिनट होगी। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, व्रत वाले दिन भद्रा का कोई दोष नहीं रहेगा, जिससे पर्व का धार्मिक महत्व और बढ़ गया है।
सोलह शृंगार कर करेंगी शिव परिवार की पूजा
करवा चौथ पर महिलाएं सोलह शृंगार कर पूजन करेंगी। पूजा की चौकी पर भगवान शिव, माता पार्वती, कार्तिकेय और गणेश की स्थापना कर कुमकुम, सिंदूर, अक्षत, धूप, दीप, गंगाजल और पंचामृत से पूजा-अर्चना की जाएगी। मिट्टी के टोंटीदार करवे, ढक्कन और लोटे से पूजन की परंपरा निभाई जाएगी। हलवा, मिठाई और आठ पूड़ियों की अठावरी का भोग लगाया जाएगा। शाम को चंद्रदेव के उदित होने पर महिलाएं छलनी से चंद्रमा और फिर पति का चेहरा देखकर जल का अर्घ्य देंगी। इसके बाद पति के हाथों से जल ग्रहण कर निर्जला व्रत का पारण करेंगी।
भद्रा मुक्त रहेगा पर्व, बनेंगे कई शुभ योग
बीएचयू ज्योतिष विभाग के प्रो. विनय पांडेय के अनुसार, मौसम में सक्रिय अर्नब चक्रवात का चंद्रोदय के निर्धारित समय पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका नहीं है। वहीं, प्रो. नागेंद्र पांडेय ने बताया कि भद्रा बुधवार शाम 5:31 बजे शुरू होकर बृहस्पतिवार भोर 4:27 बजे समाप्त हो जाएगी। ऐसे में व्रत के दिन भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। वरीयान, परिघ, बुधादित्य, सरस्वती और अखंड सौभाग्य योग सहित कई शुभ योगों के संयोग में महिलाएं पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करेंगी।
