सजा निलंबित करने की याचिकाएं स्वीकार, जमानत की शर्तें पूरी होने पर जेल से रिहाई का रास्ता साफ
(रणभेरी): इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कथित दो पैन कार्ड मामले में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को बड़ी राहत दी है। न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकलपीठ ने दोनों की सजा निलंबित करने की अर्जियां मंजूर करते हुए उन्हें जमानत दे दी। अदालत के इस फैसले के बाद दोनों की जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।
हालांकि, जेल से बाहर आने के लिए दोनों को अदालत द्वारा निर्धारित जमानत की शर्तें और आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। इसके अलावा, यदि किसी अन्य मामले में उनके खिलाफ वारंट या हिरासत का आदेश प्रभावी नहीं है, तो रिहाई संभव हो सकेगी। आजम खां और अब्दुल्ला आजम फिलहाल रामपुर जेल में बंद हैं।
सात-सात साल की सुनाई गई थी सजा
दो पैन कार्ड रखने के मामले में निचली अदालत ने आजम खां और अब्दुल्ला आजम को दोषी ठहराते हुए सात-सात साल के कारावास की सजा सुनाई थी। दोनों ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाएं दाखिल की हैं। इसी के साथ उन्होंने सजा निलंबित करने और जमानत पर रिहा किए जाने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने उनकी अर्जियों को स्वीकार करते हुए राहत प्रदान की है।
अलग-अलग जन्मतिथियों वाले पैन कार्ड का मामला
अभियोजन के अनुसार, मामला कथित तौर पर अलग-अलग जन्मतिथियों का उल्लेख करने वाले दूसरे पैन कार्ड बनवाने और उसका इस्तेमाल करने से जुड़ा है। आरोपों में चुनावी नामांकन पत्रों में दूसरे पैन कार्ड के उपयोग का मामला भी शामिल है। इसी प्रकरण में निचली अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी।
दोषसिद्धि पर रोक नहीं, सजा निलंबित
हाईकोर्ट से मिली राहत को दोषसिद्धि पर रोक लगाए जाने के आदेश के रूप में नहीं देखा जा सकता। अदालत ने फिलहाल सजा निलंबित करने और जमानत देने से संबंधित अर्जियों को मंजूर किया है। मामले में दाखिल आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाओं पर अंतिम निर्णय होना अभी बाकी है। इस प्रकार, दोनों को मिली राहत के बावजूद निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।
