- पिछले चुनाव में आशुतोष सिन्हा को मिली थी 3850 वोटो से जीत
- 22वें राउंड तक सपा के आशुतोष सिन्हा को 17,694 वोटों की बढ़त
- भाजपा प्रत्याशी ने जनादेश स्वीकार कर जताया मतदाताओं का आभार, बोले- अपेक्षित सफलता नहीं मिली
- पहड़िया मंडी में सपा समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों पर किया डांस, फूल-मालाओं से सजाया विजय रथ, प्रमाण पत्र का इंतजार
वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी खंड स्नातक विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा की जीत तय मानी जा रही है। भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह के मुकाबले उन्होंने निर्णायक बढ़त बना ली है। गुरुवार को तीसरे दिन पहड़िया मंडी स्थित लाल बहादुर शास्त्री नवीन मंडी परिसर में दूसरे वरीयता के मतों की गिनती जारी रही। मतगणना के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 22वें राउंड तक आशुतोष सिन्हा को 52,735 और केदारनाथ सिंह को 35,041 मत मिले। इस तरह सपा प्रत्याशी 17,694 मतों से आगे रहे। अंतिम परिणाम और निर्वाचन प्रमाण पत्र जारी होने की औपचारिकता पूरी होने का इंतजार बना रहा। स्नातक सीट पर सपा की बढ़त के बीच मतगणना स्थल पर दोनों दलों के खेमों की तस्वीर भी बदलती नजर आई। सपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह रहा, जबकि भाजपा खेमे में सुबह से सन्नाटा पसरा रहा। भाजपा की ओर से लगाया गया टेंट भी गुरुवार सुबह से समेटा जाने लगा। दोपहर तक वहां रखी कुर्सियां हटाई जाने लगीं। दूसरी ओर, सपा समर्थक अपने प्रत्याशी के स्वागत की तैयारियों में जुटे रहे।
दूसरी वरीयता के मतों में भी सपा आगे
प्रथम वरीयता के मतों की गिनती में ही आशुतोष सिन्हा ने बड़ी बढ़त बना ली थी। नौवें चक्र तक उन्हें 50,462 मत मिले थे, जबकि भाजपा के केदारनाथ सिंह को 33,478 मत प्राप्त हुए थे। इस चरण में सपा प्रत्याशी 16,984 मतों से आगे थे। इससे पहले आठवें चक्र तक आशुतोष सिन्हा को 47,450 और केदारनाथ सिंह को 31,189 मत मिले थे। यानी एक चक्र में ही सपा प्रत्याशी की बढ़त 16,261 से बढ़कर 16,984 मत हो गई थी।
इसके बाद दूसरे वरीयता के मतों की गणना शुरू हुई। 20वें राउंड में आशुतोष सिन्हा को 51,880 और केदारनाथ सिंह को 34,685 मत मिले। 22वें राउंड में सपा प्रत्याशी का आंकड़ा बढ़कर 52,735 और भाजपा प्रत्याशी का 35,041 पहुंच गया। लगातार बढ़त के चलते सपा समर्थक जीत को लेकर आश्वस्त दिखे। हालांकि, निर्वाचन प्रक्रिया के तहत अंतिम परिणाम की औपचारिक घोषणा और प्रमाण पत्र जारी होने तक प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार रहा।

भाजपा प्रत्याशी ने स्वीकार किया जनादेश
मतगणना के बीच भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह ने गुरुवार सुबह सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर स्नातक मतदाताओं के प्रति आभार जताया। उन्होंने लिखा कि वाराणसी खंड के मतदाताओं ने अपने अमूल्य मत से उन पर विश्वास जताया और स्नेह-आशीर्वाद दिया। उन्होंने जनादेश को विनम्रता और लोकतांत्रिक मर्यादा के साथ स्वीकार करते हुए कहा कि चुनाव में उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी।
केदारनाथ सिंह ने भाजपा और गठबंधन के वरिष्ठ पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, शुभचिंतकों तथा समर्थकों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि चुनाव में सफलता और असफलता लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं, लेकिन जनसेवा का संकल्प किसी परिणाम पर निर्भर नहीं करता। वह आगे भी स्नातक समाज के हितों, समस्याओं और अपेक्षाओं के प्रति प्रतिबद्ध रहेंगे।
बारिश में भी डटे रहे सपा समर्थक
मतगणना स्थल के पिछले गेट पर सुबह से ही सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहा। समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते हुए पार्टी के समर्थन में नारे लगाए। आशुतोष सिन्हा के स्वागत के लिए विजय रथ को फूल-मालाओं से सजाया गया। सुबह से हो रही बारिश और बूंदाबांदी के बावजूद कार्यकर्ताओं का उत्साह कम नहीं हुआ। समर्थक निर्वाचन प्रमाण पत्र मिलने के बाद अपने प्रत्याशी के बाहर निकलने का इंतजार करते रहे।
गौरतलब है कि बुधवार को पांचवें राउंड की मतगणना के दौरान भाजपा प्रतिनिधियों की मौजूदगी को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद करीब तीन घंटे तक मतगणना प्रभावित रही और पांचवें राउंड का परिणाम देर रात आया। आधी रात के बाद छठवें राउंड से फिर गिनती शुरू हुई। अब स्नातक सीट पर सपा प्रत्याशी की बढ़त के बीच मतगणना स्थल पर अंतिम नतीजे और प्रमाण पत्र जारी होने की औपचारिकता पर सभी की निगाहें टिकी रहीं।
2020 में भी सपा ने दर्ज की थी जीत, 3850 वोटों से हारे थे भाजपा प्रत्याशी
वाराणसी खंड स्नातक विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्र में वर्ष 2020 के चुनाव में समाजवादी पार्टी ने जीत का परचम लहराया था। सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा ने भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह को 3850 मतों के अंतर से पराजित कर जीत दर्ज की थी। चुनाव में आशुतोष सिन्हा को कुल 26,535 वोट मिले थे, जबकि भाजपा के केदारनाथ सिंह 22,685 मत हासिल कर सके थे। इस तरह सपा प्रत्याशी ने भाजपा उम्मीदवार पर निर्णायक बढ़त बनाते हुए जीत अपने नाम की थी। स्नातक एमएलसी चुनाव के पिछले परिणाम के आंकड़े मौजूदा चुनावी नतीजों के विश्लेषण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हैं। वर्ष 2020 में सपा की जीत ने वाराणसी खंड में पार्टी की मजबूत चुनावी स्थिति को दर्शाया था।
