(रणभेरी): नर्सिंग संवर्ग की लंबित मांगों को लेकर राजकीय नर्सेज संघ, उत्तर प्रदेश ने आंदोलन को अगले चरण में ले जाने का ऐलान किया है। संघ के अनुसार, मांगों पर अब तक ठोस निर्णय नहीं होने के चलते नर्सिंग अधिकारियों में नाराजगी बढ़ रही है। इसी के विरोध में 21 अक्टूबर से प्रतिदिन दो घंटे कार्य बहिष्कार और 22 अक्टूबर को लखनऊ स्थित स्वास्थ्य भवन में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
संघ की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक, 9 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक नर्सिंग अधिकारियों ने काली फीता बांधकर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान शासन और संबंधित अधिकारियों तक अपनी मांगें पहुंचाने का प्रयास किया गया। हालांकि, अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को और प्रभावी बनाने का निर्णय लिया गया है।
सुबह 8 से 10 बजे तक कार्य बहिष्कार
आंदोलन के अगले चरण में 21 अक्टूबर से प्रतिदिन सुबह 8 बजे से 10 बजे तक दो घंटे का कार्य बहिष्कार प्रस्तावित है। इसके बाद 22 अक्टूबर को सुबह 11 बजे महानिदेशालय, स्वास्थ्य भवन, लखनऊ में घेराव और धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। संघ ने दावा किया है कि इस कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से नर्सिंग अधिकारी शामिल होंगे।

लंबित मांगों के समाधान की मांग
राजकीय नर्सेज संघ का कहना है कि नर्सिंग संवर्ग की समस्याओं का निस्तारण, कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा और उनकी जायज मांगों पर निर्णय लिया जाना जरूरी है। संघ लंबे समय से इन मुद्दों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठा रहा है। मांगों पर ठोस पहल नहीं होने से कर्मचारियों के बीच असंतोष बना हुआ है।
एकजुटता बनाए रखने की अपील
संघ ने प्रदेशभर के नर्सिंग अधिकारियों से आंदोलन में एकजुट होकर भाग लेने की अपील की है। संगठन का कहना है कि उसका उद्देश्य नर्सिंग संवर्ग की समस्याओं का समाधान कराना और कर्मचारियों को उनका उचित अधिकार एवं सम्मान दिलाना है। वहीं, संघ ने यह भी कहा है कि आंदोलन के दौरान मरीजों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाएगी। आपातकालीन और अत्यावश्यक चिकित्सा सेवाएं प्रभावित न हों, इसके लिए प्रयास किए जाएंगे।
संघ को उम्मीद है कि शासन और संबंधित अधिकारी लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेंगे। संगठन के मुताबिक, मांगों के समाधान की दिशा में ठोस पहल होने पर आंदोलन को समाप्त करने का रास्ता खुल सकता है।
