पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर आयोजनों की निगरानी बढ़ाने की मांग, पोस्टरों को लेकर शहर में चर्चा तेज
वाराणसी (रणभेरी): शारदीय नवरात्र के बीच वाराणसी में गरबा और डांडिया कार्यक्रमों को लेकर विवाद सामने आया है। शहर के कुछ लॉन और क्लबों के बाहर बजरंग दल काशी के नाम से पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों पर ‘गैर सनातनी प्रवेश वर्जित’ लिखकर आयोजनों में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर आपत्ति जताई गई है। पोस्टर सामने आने के बाद धार्मिक पहचान के आधार पर प्रवेश की व्यवस्था और कार्यक्रमों की सुरक्षा को लेकर बहस शुरू हो गई है।
आयोजकों को दी गई चेतावनी
लॉन और क्लबों के बाहर लगाए गए पोस्टरों में कहा गया है कि गरबा और डांडिया कार्यक्रमों के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना होने पर आयोजकों, प्रशासन और संबंधित व्यक्तियों की जिम्मेदारी तय होगी। इन संदेशों के जरिए आयोजकों को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है।
सांस्कृतिक आयोजन की निगरानी पर जोर
बजरंग दल काशी से जुड़े निखिल त्रिपाठी ने कहा कि गरबा और डांडिया नवरात्र से जुड़े सांस्कृतिक आयोजन हैं। इनके माध्यम से श्रद्धालु मां जगदंबा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हैं। उनका आरोप है कि कुछ लोग इन आयोजनों में पहुंचकर माहौल खराब करते हैं और कार्यक्रमों में नशे जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं। संगठन ने इन्हीं आशंकाओं का हवाला देते हुए आयोजनों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
पुलिस कमिश्नर को सौंपा गया था ज्ञापन
निखिल त्रिपाठी के अनुसार, संगठन की ओर से पहले भी पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन देकर गरबा और डांडिया कार्यक्रमों के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की मांग की गई थी। संगठन का कहना है कि आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देना जरूरी है, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
पोस्टर लगाए जाने के बाद धार्मिक आधार पर प्रवेश सीमित करने की मांग और आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से किसी आधिकारिक कार्रवाई या आदेश की पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
