गंगा 70.29 मीटर पर पहुंची, चेतावनी स्तर पार; PM मोदी ने काशी के हालात पर लिया जायजा

गंगा 70.29 मीटर पर पहुंची, चेतावनी स्तर पार; PM मोदी ने काशी के हालात पर लिया जायजा

वाराणसी (रणभेरी): काशी में गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर और शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार सुबह वाराणसी प्रशासन से सीधे बातचीत कर मौजूदा हालात की जानकारी ली। काशी के सांसद प्रधानमंत्री मोदी ने जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और महापौर अशोक कुमार तिवारी से फोन पर बातचीत करते हुए बाढ़ की स्थिति, प्रभावित इलाकों और प्रशासन की तैयारियों की समीक्षा की।

प्रधानमंत्री ने करीब दस मिनट की बातचीत के दौरान वाराणसी में गंगा के जलस्तर से लेकर शहर के संवेदनशील इलाकों तक की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने यह भी पूछा कि किन क्षेत्रों में पानी बढ़ने से लोगों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने क्या-क्या इंतजाम किए हैं।

गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर

जिलाधिकारी की ओर से प्रधानमंत्री को बताया गया कि वाराणसी में गंगा का जलस्तर 70.29 मीटर तक पहुंच गया है। यहां चेतावनी स्तर 70.26 मीटर निर्धारित है। ऐसे में गंगा का पानी चेतावनी बिंदु को पार कर चुका है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं।

गंगा के जलस्तर में वृद्धि के चलते नौका संचालन पर भी रोक लगा दी गई है। प्रशासन की ओर से नदी और उसके आसपास के इलाकों की स्थिति पर लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि जलस्तर में और बढ़ोतरी होने की स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

संवेदनशील इलाकों पर प्रशासन की पैनी नजर

प्रधानमंत्री ने जिलाधिकारी से शहर के उन इलाकों की जानकारी ली जहां गंगा के बढ़ते पानी अथवा जलभराव का असर सबसे अधिक पड़ सकता है। इसके साथ ही वरुणा नदी के आसपास के क्षेत्रों की स्थिति पर भी चर्चा की गई।

प्रशासन ने बताया कि हालात पर नजर रखने के लिए चौबीसों घंटे टीमें सक्रिय हैं। जलस्तर में होने वाले बदलाव, जलभराव वाले क्षेत्रों और संभावित प्रभावित इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है। किसी भी आपात स्थिति में लोगों तक प्रशासनिक सहायता तेजी से पहुंचाने की तैयारी रखी गई है।

राहत शिविरों की व्यवस्थाओं पर पीएम का जोर

प्रधानमंत्री ने बाढ़ की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को तत्काल आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए।

राहत शिविरों में रह रहे लोगों की सुविधाओं को लेकर भी प्रधानमंत्री ने विशेष जानकारी ली। उन्होंने जिलाधिकारी से शिविरों में भोजन, पीने के पानी, दवाओं और अन्य जरूरी सामान की उपलब्धता के बारे में पूछा। प्रधानमंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिया कि जरूरतमंद लोगों को हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाए और जहां अतिरिक्त राहत सामग्री की आवश्यकता हो, वहां तत्काल व्यवस्था की जाए।

मेयर से भी फोन पर हुई बातचीत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के महापौर अशोक कुमार तिवारी से भी टेलीफोन पर बातचीत कर शहर की स्थिति का जायजा लिया। बातचीत के दौरान शहर में जलभराव और गंगा के बढ़ते जलस्तर से पैदा हुई परिस्थितियों पर चर्चा हुई।

पीएम मोदी ने विशेष रूप से बाढ़ राहत शिविरों के संचालन पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने महापौर से शिविरों में रह रहे नागरिकों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि किसी भी प्रभावित व्यक्ति को मूलभूत जरूरतों के लिए परेशानी न उठानी पड़े।

प्रधानमंत्री ने राहत शिविरों में भोजन और खाद्य सामग्री, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों सहित अन्य जरूरी संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राहत कार्य केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि जरूरतमंद लोगों तक मौके पर मदद पहुंचनी चाहिए।

जनप्रतिनिधियों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश

प्रधानमंत्री ने राहत एवं बचाव कार्यों में प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नगर निगम के पार्षद और अन्य जनप्रतिनिधि आपसी तालमेल के साथ प्रभावित क्षेत्रों में काम करें और लोगों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाएं।

उन्होंने प्रशासन से कहा कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए और परिस्थितियों में किसी भी तरह का बदलाव होने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं। प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए सभी जरूरी संसाधनों का इस्तेमाल प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।

हर स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन तैयार

वाराणसी प्रशासन के अनुसार, गंगा के जलस्तर में लगातार हो रहे बदलाव को देखते हुए निगरानी व्यवस्था मजबूत की गई है। संवेदनशील इलाकों में टीमों को सक्रिय रखा गया है और जलभराव वाले क्षेत्रों की जानकारी लगातार जुटाई जा रही है।

प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल बाढ़ प्रभावित और संभावित प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखना तथा उन्हें समय पर राहत उपलब्ध कराना है। राहत शिविरों में व्यवस्थाओं की निगरानी के साथ-साथ आवश्यक राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर पहुंचने के बाद प्रशासन की सक्रियता और बढ़ गई है। आने वाले समय में जलस्तर में होने वाले उतार-चढ़ाव को देखते हुए राहत एवं बचाव की तैयारियों को लगातार अपडेट किया जा रहा है।

Share this news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *