वाराणसी (रणभेरी): आदमपुर थाना क्षेत्र के कोनिया स्थित प्राथमिक विद्यालय की जर्जर इमारत को लेकर आम आदमी पार्टी और प्रदेश सरकार के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विद्यालय की खराब स्थिति का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए जाने के बाद आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता मुकेश सिंह की गिरफ्तारी का मामला अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। इसी प्रकरण को लेकर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मंगलवार को प्रेसवार्ता कर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा।
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की ओर से चलाए जा रहे ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों की वास्तविक स्थिति को जनता के सामने लाना है। उन्होंने कहा कि यदि किसी सरकारी स्कूल की इमारत जर्जर है और वहां पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं, तो उस स्थिति को सामने लाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के बजाय संबंधित व्यवस्था को दुरुस्त किया जाना चाहिए।

जर्जर स्कूल की तस्वीर सामने लाने पर कार्रवाई क्यों?
AAP सांसद ने मुकेश सिंह की गिरफ्तारी को लेकर प्रदेश सरकार से सवाल किया कि आखिर विद्यालय की खराब स्थिति को सार्वजनिक करना अपराध कैसे हो गया। उनका कहना था कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि अगर कोनिया प्राथमिक विद्यालय की इमारत पूरी तरह सुरक्षित और दुरुस्त है तो सरकार को सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। वहीं, यदि भवन की हालत खराब है तो इस समस्या के समाधान की दिशा में तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए।
संजय सिंह ने गिरफ्तारी की कार्रवाई को लेकर सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि स्कूलों की समस्याओं पर आवाज उठाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय सरकार को उन कमियों को दूर करने पर ध्यान देना चाहिए, जिनकी वजह से सवाल उठ रहे हैं।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा
प्रेसवार्ता में संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश की सरकारी शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल उठाए। उन्होंने सरकारी विद्यालयों की इमारतों, विद्यार्थियों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था की कमियों को उजागर करना विपक्ष और राजनीतिक दलों का लोकतांत्रिक अधिकार है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी आगे भी सरकारी स्कूलों की स्थिति, बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाती रहेगी। पार्टी का ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान इसी दिशा में चलाया जा रहा है, जिसके माध्यम से सरकारी विद्यालयों की जमीनी हकीकत सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है।
AAP सांसद ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई से जुड़े संस्थानों की स्थिति को लेकर अभिभावकों और आम जनता के मन में यदि कोई सवाल है तो उसका जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि कोनिया स्कूल प्रकरण में सामने आए सवालों का स्पष्ट जवाब दिया जाए।
महंगाई को लेकर भी सरकार पर निशाना
प्रेसवार्ता के दौरान संजय सिंह ने महंगाई के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों का असर आम परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से महंगाई पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
संजय सिंह ने कहा कि आम जनता पहले से ही आर्थिक दबाव का सामना कर रही है और ऐसे में बढ़ती कीमतें लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं। उन्होंने महंगाई को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता से जुड़े इन मुद्दों को राजनीतिक स्तर पर लगातार उठाया जाएगा।
कोनिया स्कूल प्रकरण ने पकड़ा राजनीतिक रंग
कोनिया प्राथमिक विद्यालय की जर्जर हालत का वीडियो सामने आने के बाद शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक बहस में बदल गया है। मुकेश सिंह की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी ने इसे मुद्दा बनाते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का कहना है कि सरकारी स्कूलों की स्थिति पर सवाल उठाना और उनकी कमियों को सामने लाना जनहित से जुड़ा विषय है।
वहीं, संजय सिंह ने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी सरकारी विद्यालयों की बदहाली और विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों को लेकर अपनी आवाज आगे भी उठाती रहेगी। प्रेसवार्ता में उन्होंने शिक्षा, स्कूलों की स्थिति और महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर प्रदेश सरकार को घेरते हुए इन मामलों पर जवाबदेही तय करने की मांग की।
