वाराणसी (रणभेरी): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी में समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। राज्यसभा चुनाव में सपा के उम्मीदवारों को लेकर सवाल उठाते हुए उन्होंने पार्टी के PDA फॉर्मूले पर निशाना साधा। सीएम ने आरोप लगाया कि सामाजिक न्याय और सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की बात करने वाली सपा ने उम्मीदवारों के चयन में इन सिद्धांतों का पालन नहीं किया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए हुए चुनाव में भाजपा ने आठ सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि समाजवादी पार्टी के खाते में दो सीटें आईं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने अलग-अलग सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया, लेकिन सपा के टिकट वितरण में PDA की अवधारणा दिखाई नहीं दी।
‘PDA का मतलब परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’
मुख्यमंत्री ने सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी स्थानीय नेताओं और विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोगों को भी मौका दे सकती थी। उन्होंने सवाल उठाया कि काशी, गाजीपुर या बलिया के किसी यादव नेता को राज्यसभा भेजने पर विचार क्यों नहीं किया गया। इसी तरह उन्होंने दलित और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधित्व को लेकर भी सपा की रणनीति पर सवाल खड़े किए।
योगी ने आरोप लगाया कि सपा ने अपने घोषित सामाजिक समीकरणों के बजाय दूसरे विकल्प को प्राथमिकता दी। तंज कसते हुए उन्होंने PDA को ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ बताया और पार्टी पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने टिकट वितरण को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, टिकट बेचे जाने संबंधी उनके आरोप की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में उपलब्ध नहीं है।
भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी सपा पर निशाना
सीएम योगी ने प्रदेश में सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार में पारदर्शिता और निष्पक्षता को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने पिछली सपा सरकार की भर्ती व्यवस्था पर सवाल उठाए और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में नियुक्तियों तथा चयन प्रक्रिया को लेकर आरोप लगाए।
योगी ने तत्कालीन आयोग अध्यक्ष अनिल यादव की नियुक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार के समय भर्ती प्रक्रिया में योग्यता के मानकों पर सवाल खड़े हुए थे। उन्होंने दावा किया कि उस दौर में चयन व्यवस्था पर पक्षपात और अनियमितताओं के आरोप लगे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखना युवाओं के भविष्य के लिए जरूरी है।
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी घेरा
मुख्यमंत्री ने सपा शासनकाल की कानून-व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में दंगों और अराजकता की घटनाओं को लेकर चिंता बनी रहती थी। उनके मुताबिक, त्योहारों के दौरान तनाव और कर्फ्यू जैसी परिस्थितियां प्रदेश की छवि को प्रभावित करती थीं।
योगी ने कहा कि असुरक्षा का माहौल किसी भी राज्य में निवेश की संभावनाओं को कमजोर करता है। उन्होंने अपनी सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए दावा किया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बेहतर होने से निवेश और विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है।
काशी में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या का किया जिक्र
वाराणसी के धार्मिक महत्व पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने काशी विश्वनाथ धाम का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और सावन तथा प्रमुख त्योहारों के दौरान यह संख्या काफी बढ़ जाती है। योगी ने काशी में बढ़ती धार्मिक गतिविधियों को प्रदेश में बेहतर व्यवस्थाओं और विकास से जोड़ते हुए कहा कि वाराणसी देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आस्था केंद्र के रूप में उभरा है।
