वाराणसी (रणभेरी): धर्म और आध्यात्म की नगरी काशी में प्रस्तावित एयर शो को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। भारतीय वायु सेना ने ब्रीफिंग के दौरान कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की। इस विशेष आयोजन में करीब 100 विमान और हेलीकॉप्टर अपनी हवाई क्षमता, सटीक तालमेल और रोमांचक करतबों का प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत काशी की सांस्कृतिक पहचान को समर्पित फॉर्मेशन से होगी, जबकि समापन दशाश्व फॉर्मेशन के जरिए किया जाएगा।
वायु सेना की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, एयर शो प्रतिदिन सुबह 11 बजे शुरू होगा। इसका प्रदर्शन दो प्रमुख चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिनकी अवधि क्रमशः 50 मिनट और 40 मिनट होगी। 22, 24 और 25 तारीख को होने वाले कार्यक्रमों में एक जैसी हवाई गतिविधियां देखने को मिलेंगी। तीनों दिनों के प्रदर्शन में किसी अलग विशेष गतिविधि को शामिल नहीं किया गया है।
नमो घाट से गंगा द्वार तक दिखेगा हवाई रोमांच
एयर शो का आकर्षण केवल विमानों की उड़ान तक सीमित नहीं रहेगा। नमो घाट के सामने होने वाली प्रमुख गतिविधियां काशी विश्वनाथ मंदिर के गंगा द्वार के सामने भी प्रदर्शित की जाएंगी। इस दौरान चिनूक हेलीकॉप्टर के जरिए गंगा के करीब वाटर टच एंड गो और चेतक हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा जैसे दृश्य देखने को मिलेंगे।

एयर वाइस मार्शल पीवीएस नारायण ने बताया कि आयोजन के सभी दिनों में प्रदर्शन का प्रारूप एक समान रहेगा। वहीं, वायु सेना के ग्रुप कमांडेंट पारिजात सौरभ ने ब्रीफिंग में विभिन्न फॉर्मेशन, विमानों की भूमिका और कार्यक्रम के क्रम की जानकारी दी।
काशी से दशाश्व तक, जानिए कौन-सा विमान दिखाएगा करतब
- काशी: तिरंगे के रंगों से सजेगा आसमान
एयर शो की शुरुआत तीन किरण विमानों के वी-आकार के फॉर्मेशन से होगी। गंगा के ऊपर उड़ान भरते हुए ये विमान तिरंगे के रंगों का प्रदर्शन करेंगे। यह प्रस्तुति विजय और राष्ट्रीय गौरव का संदेश देगी।
- वरुण: हेलीकॉप्टरों का विशेष प्रदर्शन
इस फॉर्मेशन में भारतीय वायु सेना और थल सेना के तीन एएलएच एमके-III हेलीकॉप्टर हिस्सा लेंगे। इनके जरिए रस्सियों की सहायता से जवानों के नीचे उतरने यानी स्लिदरिंग ऑपरेशन का प्रदर्शन भी किया जाएगा।
- केदार: राफेल की तेज रफ्तार उड़ान
काशी फॉर्मेशन के बाद एक राफेल लड़ाकू विमान कम ऊंचाई पर एयरोबेटिक करतब दिखाएगा। इसकी सटीक और नियंत्रित उड़ान दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहेगी।

- हनुमान और सारनाथ: लड़ाकू विमान और ऐतिहासिक विमान का संगम
हनुमान कॉलसाइन के तहत सुखोई-30एमकेआई विमान कम ऊंचाई पर हवाई करतब दिखाएगा। इसके बाद हार्वर्ड विमान सारनाथ फॉर्मेशन में अपनी नियंत्रित और सटीक उड़ान का प्रदर्शन करेगा।
- सारंग: हेलीकॉप्टर टीम का हुनर
भारतीय वायु सेना की प्रसिद्ध सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम अपने समन्वित हवाई करतबों के जरिए कार्यक्रम में रोमांच बढ़ाएगी। - ओंकार और गंगा: ध्वज प्रदर्शन के साथ पुष्पवर्षा
ओंकार फॉर्मेशन में तीन एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर वी-आकार में उड़ान भरेंगे। इनके साथ राष्ट्रीय ध्वज और भारतीय वायु सेना का ध्वज प्रदर्शित किया जाएगा। इसके बाद गंगा फॉर्मेशन में तीन चेतक हेलीकॉप्टरों के माध्यम से पुष्पवर्षा होगी।
- रुद्र: सुखोई का हाई-स्पीड पास
रुद्र फॉर्मेशन में सुखोई-30एमकेआई विमान मंच के ऊपर से तेज गति से गुजरेगा। यह प्रदर्शन लड़ाकू विमान की गति और परिचालन क्षमता को दर्शाएगा।
- भागीरथी: स्वदेशी और विदेशी हेलीकॉप्टरों की संयुक्त उड़ान
इस फॉर्मेशन में दो स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (एलसीएच) और अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर शामिल होंगे। ये डायमंड आकार में उड़ान भरते हुए अपनी संयुक्त क्षमता प्रदर्शित करेंगे।

- त्रिदेव: तीनों सेनाओं की संयुक्त ताकत
त्रिदेव फॉर्मेशन में भारतीय नौसेना का कामोव-31 सबसे आगे रहेगा। इसके साथ वायु सेना और थल सेना के एक-एक एएलएच एमके-III हेलीकॉप्टर उड़ान भरेंगे। यह प्रस्तुति तीनों सेनाओं के बीच समन्वय और संयुक्त संचालन की क्षमता को सामने लाएगी .
- अलकनंदा: भारी हेलीकॉप्टरों का फॉर्मेशन
इस फॉर्मेशन में दो चिनूक और दो एएलएच एमके-IV हेलीकॉप्टर उल्टे विक्ट्री आकार में उड़ान भरेंगे। इनमें एक चिनूक सबसे पीछे रहेगा। यह दृश्य हेलीकॉप्टरों के बीच बेहतर तालमेल को प्रदर्शित करेगा।
- भैरव: परिवहन विमानों की संयुक्त उड़ान
भैरव फॉर्मेशन में एक सी-295 और दो डोर्नियर विमान मंच के सामने से विक्ट्री आकार में गुजरेंगे। इससे सैन्य परिवहन और बहुउद्देशीय विमानन क्षमता की झलक मिलेगी।
- कैलाश: सी-130 और एएन-32 का प्रदर्शन
कैलाश फॉर्मेशन में एक सी-130 विमान के साथ दो एएन-32 विमान वी-आकार में उड़ान भरेंगे। यह प्रस्तुति सैन्य परिवहन विमानों की परिचालन क्षमता को दर्शाएगी।
- त्रिलोचन: निगरानी विमान को लड़ाकू विमानों की सुरक्षा
इस फॉर्मेशन में एक एईडब्ल्यू एंड सी यानी हवाई चेतावनी एवं नियंत्रण विमान दो मिग-29 लड़ाकू विमानों की सुरक्षा में वी-आकार में उड़ान भरेगा। यह हवाई निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत को प्रदर्शित करेगा।
- नटराज: समुद्री निगरानी और हवाई सुरक्षा
भारतीय नौसेना का पी-8आई समुद्री गश्ती विमान दो मिराज-2000 लड़ाकू विमानों के साथ उड़ान भरेगा। इस फॉर्मेशन के जरिए समुद्री निगरानी और लड़ाकू विमानों के बीच समन्वय को दर्शाया जाएगा।
- महादेव: हवा में ईंधन भरने की क्षमता
महादेव फॉर्मेशन में आईएल-78 टैंकर विमान तीन मिराज-2000 लड़ाकू विमानों के साथ उड़ान भरेगा। यह प्रदर्शन हवा में ईंधन भरने की तकनीक और लंबी दूरी के हवाई अभियानों में इसकी उपयोगिता को रेखांकित करेगा।
- विश्वनाथ, पशुपति और नीलकंठ: लड़ाकू विमानों की ताकत
इन तीन फॉर्मेशन में अलग-अलग लड़ाकू विमानों का प्रदर्शन होगा। विश्वनाथ में तीन सुखोई-30एमकेआई विमान वी-आकार में उड़ान भरेंगे। इसके बाद पशुपति फॉर्मेशन में चार जगुआर विमान डायमंड आकार में दिखाई देंगे। अंत में नीलकंठ फॉर्मेशन के तहत तीन राफेल विमान अपनी उड़ान का प्रदर्शन करेंगे।
- प्रचंड: छह लड़ाकू विमानों का दमदार प्रदर्शन
प्रचंड फॉर्मेशन में सुखोई-30एमकेआई, राफेल, जगुआर, मिराज-2000, एलसीए तेजस और मिग-29 सहित छह लड़ाकू विमान तीर की नोक जैसे आकार में उड़ान भरेंगे। यह फॉर्मेशन भारतीय वायु सेना की बहुआयामी युद्धक क्षमता, सटीक हमले की तैयारी और विभिन्न लड़ाकू विमानों के बीच तालमेल का प्रदर्शन करेगा।
- अस्सी: स्वदेशी तेजस का एयरोबेटिक प्रदर्शन
स्वदेश में विकसित एलसीए तेजस इस फॉर्मेशन का प्रमुख आकर्षण होगा। विमान कम ऊंचाई पर एयरोबेटिक करतब दिखाएगा। इसकी प्रस्तुति भारत की एयरोस्पेस तकनीक और लड़ाकू विमान निर्माण में आत्मनिर्भरता की दिशा में हुई प्रगति को रेखांकित करेगी।
- दशाश्व: सूर्यकिरण टीम के साथ होगा समापन
एयर शो का समापन दशाश्व फॉर्मेशन के जरिए होगा। इसमें सी-17 ग्लोबमास्टर विमान सबसे आगे रहेगा, जबकि उसके पीछे नौ सूर्यकिरण हॉक विमान मंच के ऊपर से फ्लाईपास्ट करेंगे। इसके बाद सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम अपने विशेष हवाई प्रदर्शन से आयोजन को अंतिम रूप देगी।
काशी के आसमान में दिखेगी सैन्य शक्ति और तकनीक की झलक
वाराणसी का यह एयर शो सैन्य विमानों की ताकत, आधुनिक तकनीक और तीनों सेनाओं के बीच समन्वय को प्रदर्शित करने वाला आयोजन होगा। गंगा के ऊपर तिरंगे के रंगों से लेकर लड़ाकू विमानों के तेज रफ्तार करतब और हेलीकॉप्टरों की पुष्पवर्षा तक, कार्यक्रम में कई आकर्षक दृश्य शामिल रहेंगे। काशी थीम से शुरू होकर दशाश्व फॉर्मेशन पर समाप्त होने वाला यह प्रदर्शन शहर की सांस्कृतिक पहचान और भारतीय वायु सेना की हवाई क्षमता को एक मंच पर प्रस्तुत करेगा।
