चार दिन पहले मांझे से गर्दन कटने पर बुजुर्ग की हुई थी मौत, प्रतिबंध के बावजूद नहीं थम रहा इस्तेमाल
वाराणसी (रणभेरी) : चाइनीज मांझे का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार दोपहर वरुणा पुल के पास दीवानी के अधिवक्ता आकाश सिंह का गला मांझे से कट गया। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां गले में चार टांके लगाने पड़े। चार दिन पहले ही कज्जाकपुरा फ्लाईओवर पर चाइनीज मांझे से गर्दन कटने के कारण सुनील गुजराती की मौत हो गई थी। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद प्रतिबंधित मांझे का इस्तेमाल जारी है।
अधिवक्ता आकाश सिंह ने बताया कि बुधवार दोपहर वह नदेसर पोस्ट ऑफिस से काम निपटाकर कचहरी लौट रहे थे। वरुणा पुल से नीचे उतरते समय अचानक कटी हुई पतंग का मांझा उनकी गर्दन से टकरा गया। उन्होंने तत्काल बाइक रोक दी, लेकिन तब तक गले से खून निकलने लगा था। अस्पताल में उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार है।
आकाश सिंह ने प्रशासन से चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि फरवरी तक पतंग उड़ाने का मौसम रहता है। ऐसे में पुलों और फ्लाईओवर पर हादसों का खतरा बना रहेगा। गौरतलब है कि रविवार सुबह सुनील गुजराती की गर्दन मांझे से कट गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, गर्दन की महत्वपूर्ण रक्त वाहिका कटने और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनकी मौत हुई थी।
