(रणभेरी): कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपना पहला अकाउंट बनाया। उन्होंने अपनी पहली पोस्ट में आने वाली किताब ‘Belonging: A Journey of Love’ का वीडियो साझा किया। यह किताब 10 नवंबर को लॉन्च होगी। अपनी पहली पोस्ट में सोनिया ने किताब के जरिए प्यार, कर्तव्य, अपनों को खोने और अपनेपन की तलाश से जुड़ी अपनी जिंदगी के अनुभव साझा करने की बात कही।
सोनिया गांधी ने गुरुवार सुबह करीब 9 बजे अपनी पहली पोस्ट शेयर की। उन्होंने लिखा, “नमस्कार, मैं अपनी किताब आप सभी के साथ साझा करके खुश हूं। यह प्यार, कर्तव्य, अपनों को खोने और अपनेपन की जगह तलाशने की कहानी है। मैं इसे आप सबके साथ साझा करने के लिए उत्सुक हूं।”
पोस्ट के साथ शेयर किए गए वीडियो में सोनिया गांधी अपने करीबियों और बेटी प्रियंका गांधी के साथ नजर आ रही हैं। वीडियो में प्रियंका अपनी मां को मिठाई खिलाती भी दिखाई देती हैं।

इटली में बचपन से राजीव गांधी से मुलाकात तक का सफर
सोनिया गांधी की किताब ‘Belonging’ में उनके जीवन के कई अहम पड़ावों का जिक्र है। किताब की शुरुआत युद्ध के बाद इटली के वेनेटो क्षेत्र में बीते उनके बचपन से होती है। इसके बाद कैम्ब्रिज में पढ़ाई के दौरान 1965 में राजीव गांधी से उनकी मुलाकात का विवरण दिया गया है।

किताब में राजीव गांधी से शादी, भारत आने और नेहरू-गांधी परिवार का हिस्सा बनने के अनुभवों को भी शामिल किया गया है। सोनिया ने अपनी सास और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से पहली मुलाकात के साथ भारतीय जीवनशैली को अपनाने के शुरुआती अनुभवों का भी वर्णन किया है। इनमें हिंदी सीखना, साड़ी पहनना और भारतीय खानपान व संस्कृति के साथ तालमेल बैठाना शामिल है।
परिवार की त्रासदियों और राजनीतिक सफर का भी जिक्र
आत्मकथा में गांधी परिवार को झकझोर देने वाली कई बड़ी घटनाओं का उल्लेख है। इनमें विमान हादसे में संजय गांधी की मौत, 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या और 1991 में राजीव गांधी की हत्या शामिल हैं।
राजीव गांधी की हत्या के बाद सोनिया गांधी लंबे समय तक सक्रिय राजनीति से दूर रहीं। इस दौरान पीवी नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री बने। 1990 के दशक में कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति कमजोर होने और पार्टी में बढ़ती गुटबाजी के बीच सोनिया गांधी ने 1997 में कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता ली। इसके बाद 1998 में उन्होंने पार्टी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। सोनिया गांधी 2017 तक कांग्रेस अध्यक्ष रहीं। इस दौरान उन्होंने पार्टी का नेतृत्व किया और राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
2004 में प्रधानमंत्री बनने से किया था इनकार
किताब में 2004 के लोकसभा चुनाव के बाद के राजनीतिक घटनाक्रम का भी जिक्र है। उस चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) को जीत मिली थी। सहयोगी दलों के समर्थन के बाद सोनिया गांधी के प्रधानमंत्री बनने की संभावना मजबूत मानी जा रही थी।
हालांकि, 18 मई 2004 को सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री पद स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इसके बाद डॉ. मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाने का रास्ता साफ हुआ। मनमोहन सिंह के नेतृत्व में UPA सरकार ने अगले 10 वर्षों तक देश की सत्ता संभाली।
उस समय राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के कुछ नेताओं ने सोनिया गांधी के विदेशी मूल का मुद्दा उठाते हुए उनके प्रधानमंत्री बनने पर सवाल खड़े किए थे। सोनिया के फैसले के बाद मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने, जबकि सोनिया गांधी ने कांग्रेस और गठबंधन के नेतृत्व में अपनी भूमिका जारी रखी।
सोनिया के फैसले पर संजय बारू ने भी लिखी थी किताब
सोनिया गांधी के प्रधानमंत्री पद से पीछे हटने और डॉ. मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री बनने के घटनाक्रम पर पूर्व प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार संजय बारू ने भी किताब लिखी थी। उनकी किताब का नाम ‘The Accidental Prime Minister’ है। बाद में इसी नाम से फिल्म भी बनाई गई।
इस किताब में मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री बनने के बाद सरकार और कांग्रेस नेतृत्व के बीच संबंधों तथा सत्ता के कामकाज से जुड़े घटनाक्रम का विवरण दिया गया है।
सोनिया गांधी की नई किताब ‘Belonging: A Journey of Love’ में उनके निजी जीवन, परिवार से जुड़ी त्रासदियों और राजनीतिक सफर के जरिए उनके जीवन के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को सामने लाने की कोशिश की गई है। किताब 10 नवंबर को लॉन्च होगी।
