(रणभेरी): गाजीपुर के जमानिया कोतवाली क्षेत्र के देवड़ी गांव में सोमवार सुबह गैस सिलिंडर से हुए रिसाव के बाद लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। आग की चपेट में आने से दो बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा उस समय और भी भयावह हो गया, जब आग की गर्मी से घर के कमरे में खड़ी बाइक की पेट्रोल टंकी जोरदार धमाके के साथ फट गई। धमाके और आग की चपेट में आने से पटनी पर छिपे दोनों बच्चे बुरी तरह झुलस गए और मौके पर ही उनकी जान चली गई।
मृतकों की पहचान देवड़ी गांव निवासी सुंदरम यादव (12) और पड़ोस में रहने वाले विशाल शर्मा (14) के रूप में हुई है। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
दूध लेने के बाद आंगन में बैठे थे दोनों दोस्त
जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह सुंदरम यादव अपनी बहन रेखा के साथ पड़ोस में रहने वाले अपने दोस्त विशाल शर्मा के घर दूध लेने पहुंचा था। दूध लेने के बाद सुंदरम और विशाल घर के आंगन में ही बैठकर आपस में बातचीत करने लगे। इसी दौरान विशाल की मां मीना देवी रसोई में खाना बनाने में व्यस्त थीं।

बताया गया कि खाना बनाते समय अचानक गैस सिलिंडर से रिसाव शुरू हो गया। कुछ ही देर में रिसती हुई गैस ने आग पकड़ ली और रसोई से तेज लपटें उठने लगीं। अचानक आग भड़कते देख घर में अफरा-तफरी मच गई।
महिलाओं ने बाहर निकलकर बचाई जान
रसोई में आग लगने के बाद मीना देवी और सुंदरम की बहन रेखा किसी तरह घर से बाहर निकल गईं। दूसरी ओर, आंगन में बैठे दोनों बच्चे आग की लपटें देखकर घबरा गए। आग तेजी से फैलती देखकर उन्होंने बाहर निकलने के बजाय खुद को बचाने के लिए पास के कमरे का सहारा लिया और वहां रखी पटनी पर चढ़कर छिप गए।
बच्चों को शायद उम्मीद थी कि आग बुझने के बाद वे सुरक्षित बाहर निकल आएंगे, लेकिन कुछ ही क्षणों में आग उस कमरे तक भी पहुंच गई।
पेट्रोल टंकी फटने से हुआ तेज धमाका
आग की लपटें कमरे तक पहुंचते ही वहां खड़ी बाइक भी उसकी चपेट में आ गई। आग की तेज गर्मी से बाइक की पेट्रोल टंकी में जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि मकान का एक हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और वहां का मंजर खंडहर जैसा हो गया।

इसी दौरान पटनी पर छिपे सुंदरम और विशाल आग व धमाके की चपेट में आ गए। दोनों बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। जब तक आसपास के लोग कुछ समझ पाते, तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। कुछ ही समय में तहसीलदार राम नारायण वर्मा समेत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
प्रशासन और पुलिस की टीम ने मौके पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। घटना स्थल का निरीक्षण करने के बाद दोनों बच्चों के शवों को कब्जे में लिया गया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
हादसे की जांच में जुटी पुलिस
जमानिया कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा गैस सिलिंडर से रिसाव के बाद आग लगने के कारण हुआ। आग फैलने के बाद दोनों बच्चे घबराकर पास के कमरे में चले गए थे और पटनी पर चढ़ गए। इसी दौरान आग की चपेट में आने से वहां खड़ी बाइक की पेट्रोल टंकी फट गई, जिसकी चपेट में दोनों बच्चे आ गए।
पुलिस के मुताबिक घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। आवश्यक कार्रवाई और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है।

गांव में पसरा मातम
दो बच्चों की एक साथ हुई मौत की खबर से देवड़ी गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जिस आंगन में कुछ देर पहले दोनों दोस्त बैठकर बातचीत कर रहे थे, वहां बाद में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गई। परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
ग्रामीणों ने बताया कि दोनों बच्चे आपस में दोस्त थे और सामान्य रूप से घर आए थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर बाद एक अचानक हुए हादसे में दोनों की जान चली जाएगी। घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।
