वाराणसी में ईद मिलादुन्नबी पर निकला भव्य जुलूस, 1500 की जगह 100 वाहनों को मिली अनुमति

वाराणसी में ईद मिलादुन्नबी पर निकला भव्य जुलूस, 1500 की जगह 100 वाहनों को मिली अनुमति

वाराणसी (रणभेरी): पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद (स.) की यौमे पैदाइश यानी ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर बुधवार को वाराणसी में उत्साह और धार्मिक उल्लास का माहौल देखने को मिला। शहर के मुस्लिम बहुल इलाकों में सुबह से ही नातिया कलाम और धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहा। इसी क्रम में रेवड़ी तालाब स्थित मदरसे से मदहे सहाबा का शहर का प्रमुख जुलूस निकाला गया।

इस बार जुलूस में प्रशासन और आयोजक कमेटी के बीच हुई सहमति के बाद वाहनों की संख्या सीमित रखी गई। पहले जहां करीब 1500 वाहनों के शामिल होने की बात थी, वहीं इस वर्ष केवल 100 वाहनों को जुलूस में शामिल होने की अनुमति दी गई। निर्धारित वाहनों पर विभिन्न अंजुमनों के लोग इस्लामिक झंडों के साथ शामिल हुए। कई वाहनों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। इनमें इस्लामिक परिधानों में सजे बच्चे लोगों का ध्यान आकर्षित करते नजर आए।

नातिया कलाम से गूंजता रहा जुलूस

रेवड़ी तालाब से जुलूस शुरू होते ही माहौल धार्मिक नारों और नातिया कलाम से गूंज उठा। कई वाहनों पर पैगंबर हजरत मोहम्मद (स.) की शान में नातें पेश की गईं। जुलूस में शामिल अंजुमनों के लोग धार्मिक झंडे लेकर आगे बढ़े।

जुलूस अपने निर्धारित और पारंपरिक मार्ग से होते हुए शहर के विभिन्न इलाकों से गुजरा। आयोजकों की ओर से लोगों से व्यवस्था बनाए रखने और प्रशासन द्वारा तय किए गए नियमों का पालन करने की अपील की गई।

बताया गया कि जुलूस सुबह करीब 10 बजे के बाद बेनियाबाग मैदान पहुंचकर समाप्त होगा। इसके बाद मैदान में जलसे का आयोजन किया गया, जहां धर्मगुरुओं और शहर के प्रमुख लोगों की ओर से पैगंबर-ए-इस्लाम की जिंदगी और उनके संदेश पर विचार रखे जाने हैं।

रात से ही शुरू हो गया था जश्न

ईद मिलादुन्नबी को लेकर शहर में बुधवार की शुरुआत से पहले ही धार्मिक गतिविधियां शुरू हो गई थीं। मंगलवार देर रात से कई इलाकों में नातिया कलाम और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होता रहा। बुधवार को मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में जगह-जगह सजावट की गई और लोगों ने एक-दूसरे को ईद मिलादुन्नबी की मुबारकबाद दी।

रेवड़ी तालाब से निकला मदहे सहाबा का जुलूस इसी धार्मिक आयोजन का प्रमुख हिस्सा रहा। जुलूस में शामिल लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया। बारिश के कारण कुछ कार्यक्रमों का समय प्रभावित हुआ, लेकिन बारिश थमने के बाद आयोजन दोबारा शुरू हो गए।

वाराणसी में ईद मिलादुन्नबी पर निकला भव्य जुलूस, 1500 की जगह 100 वाहनों को मिली अनुमति

सुरक्षा को लेकर पुलिस रही मुस्तैद

जुलूस को लेकर वाराणसी पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने जुलूस के रूट का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जुलूस के पूरे मार्ग पर करीब एक हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।

संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है। भीड़ की निगरानी और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने अतिरिक्त इंतजाम किए। जुलूस की गतिविधियों पर ड्रोन कैमरों के जरिए भी नजर रखी गई।

पुलिस अधिकारियों ने जुलूस के आयोजकों से प्रशासन की ओर से निर्धारित नियमों का पालन करने और यातायात एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की।

इन प्रमुख रास्तों से गुजरा जुलूस

मदहे सहाबा का जुलूस रेवड़ी तालाब से शुरू होकर भेलूपुर की ओर बढ़ा। इसके बाद जुलूस मदनपुरा, जंगमबाड़ी, गोदौलिया, बांसफाटक, चौक, नीचीबाग, मैदागिन, लोहटिया, कबीरचौरा और पियरी होते हुए बेनियाबाग पहुंचा।

बेनियाबाग मैदान में जुलूस के समापन के बाद जलसे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने पैगंबर हजरत मोहम्मद (स.) के जीवन, उनके संदेश और समाज में आपसी भाईचारे के महत्व पर अपनी बातें रखीं।

शहर के कई इलाकों में हुई आकर्षक सजावट

ईद मिलादुन्नबी के मौके पर वाराणसी के कई इलाकों को रोशनी और रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया। दालमंडी, नई सड़क, बेनिया, लोहता, सरैयां, ककरमत्ता, मदनपुरा, रेवड़ी तालाब और पीलीकोठी सहित कई क्षेत्रों में सजावट देखने को मिली।

नई सड़क क्षेत्र में विशेष रूप से आकर्षक रोशनी और झालरों से सजावट की गई। बाजारों और गलियों में भी पर्व को लेकर रौनक दिखाई दी। शाम होते ही सजावट की रोशनी से कई इलाके जगमगा उठे।

मरकजी यौमुन्नबी कमेटी की ओर से निकाले जाने वाले जुलूस का कार्यक्रम भी बारिश के कारण प्रभावित हुआ। बारिश थमने के बाद देर रात जुलूस निकाला गया। आयोजन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

प्रशासन और आयोजकों के बीच बनी रही समन्वय की स्थिति

इस बार जुलूस में वाहनों की संख्या कम करने का फैसला प्रशासन और आयोजन समिति के बीच सहमति के बाद लिया गया। आयोजकों ने निर्धारित संख्या के अनुरूप ही वाहनों को शामिल किया। पुलिस प्रशासन की ओर से पूरे रूट पर निगरानी रखी गई, ताकि जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से अपने निर्धारित स्थान तक पहुंच सके।

ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर वाराणसी में धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया। प्रशासन ने लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।

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