वाराणसी (रणभेरी): हिंदी सिनेमा और ओटीटी की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाले अभिनेता अमित सियाल बुधवार को वाराणसी पहुंचे। काशी आगमन के दौरान उन्होंने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद अभिनेता ने काशी के कोतवाल कहे जाने वाले बाबा कालभैरव के दरबार में भी हाजिरी लगाई। इस दौरान वाराणसी दक्षिण के विधायक नीलकंठ तिवारी उनके साथ मौजूद रहे।
अमित सियाल के काशी पहुंचने पर धार्मिक आस्था के साथ-साथ शहर की संस्कृति और खानपान को लेकर भी उनका उत्साह नजर आया। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के बाद उन्होंने काशी की पुरानी गलियों का भ्रमण किया और स्थानीय व्यंजनों का स्वाद चखा। इस दौरान उन्होंने दीना गुरु की प्रसिद्ध हींग कचौड़ी का भी आनंद लिया।
बाबा विश्वनाथ के दरबार में की पूजा-अर्चना
अमित सियाल बुधवार को विधायक नीलकंठ तिवारी के साथ काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे। मंदिर परिसर में पहुंचने के बाद उन्होंने बाबा विश्वनाथ का दर्शन किया और पूरे श्रद्धाभाव के साथ पूजन-अर्चन किया। बताया गया कि दर्शन के बाद अभिनेता कुछ समय मंदिर परिसर में बैठे और ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप भी किया।
मंदिर में दर्शन के दौरान उनके चेहरे पर आध्यात्मिक शांति दिखाई दी। काशी विश्वनाथ धाम में पूजा के बाद उन्होंने बाबा विश्वनाथ से सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
बाबा कालभैरव के दरबार में भी लगाई हाजिरी
काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के बाद अमित सियाल बाबा कालभैरव के मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने विधिवत दर्शन-पूजन किया और बाबा का आशीर्वाद लिया। काशी की धार्मिक परंपरा में बाबा कालभैरव को नगर का कोतवाल माना जाता है। ऐसे में विश्वनाथ दर्शन के साथ कालभैरव मंदिर में पहुंचना भी उनके काशी प्रवास का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
विधायक ने विकास कार्यों की दी जानकारी
अभिनेता के साथ मौजूद वाराणसी दक्षिण के विधायक नीलकंठ तिवारी ने उन्हें क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों के बारे में जानकारी दी। काशी विश्वनाथ धाम और आसपास के क्षेत्रों में हुए बदलावों के साथ शहर के विकास से जुड़ी योजनाओं पर भी दोनों के बीच बातचीत हुई।
इसके बाद अमित सियाल ने विधायक के साथ काशी की प्रसिद्ध गलियों का रुख किया। उन्होंने पुराने शहर की गलियों में घूमते हुए काशी के पारंपरिक माहौल को करीब से महसूस किया। इस दौरान स्थानीय खानपान का स्वाद लेने का मौका भी मिला।
हींग कचौड़ी का लिया स्वाद
काशी के प्रसिद्ध खानपान का जिक्र हो और कचौड़ी-सब्जी की बात न हो, ऐसा कम ही होता है। अमित सियाल ने भी वाराणसी पहुंचकर यहां के मशहूर स्वाद का अनुभव किया। उन्होंने दीना गुरु की प्रसिद्ध हींग कचौड़ी खाई और काशी के पारंपरिक स्वाद का आनंद लिया।
अभिनेता ने कहा कि काशी के व्यंजनों के बारे में उन्होंने पहले भी काफी कुछ सुना था, लेकिन इस बार उन्हें इन्हें खुद चखने का अवसर मिला। उन्होंने स्थानीय स्वाद को यादगार अनुभव बताया।
बोले- काशी आते ही मन को मिलती है शांति
काशी यात्रा को लेकर अमित सियाल ने कहा कि उनका वाराणसी आना पहले भी कई बार हुआ है। जब भी वह काशी आते हैं, बाबा विश्वनाथ के दर्शन करना उनके लिए खास अनुभव रहता है। इस बार धार्मिक यात्रा के साथ उन्हें काशी के पारंपरिक खानपान को करीब से जानने और उसका स्वाद लेने का भी मौका मिला।
उन्होंने कहा कि काशी की आध्यात्मिक ऊर्जा उन्हें हमेशा आकर्षित करती है। यहां आने के बाद मन को अलग तरह की शांति महसूस होती है। सावन के पवित्र माह में बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद लेने के उद्देश्य से उनका काशी आना हुआ।
अमित सियाल का यह काशी प्रवास धार्मिक आस्था, शहर की संस्कृति और बनारसी खानपान से जुड़ा रहा। बाबा विश्वनाथ और बाबा कालभैरव के दर्शन के साथ उन्होंने काशी की गलियों में घूमकर शहर के पारंपरिक रंग को भी महसूस किया।
