वाराणसी (रणभेरी): काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में गुरुवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया जब कार सवार चार युवकों ने कथित तौर पर परिसर में तेज रफ्तार से वाहन दौड़ाते हुए छात्रों के साथ अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि युवकों ने राह चलते छात्र-छात्राओं पर अशोभनीय टिप्पणियां कीं और विरोध करने पर उनसे कहासुनी तथा धक्का-मुक्की भी की। घटना के बाद परिसर में कुछ देर तक तनाव की स्थिति बनी रही। सूचना मिलने पर विश्वविद्यालय का प्राक्टोरियल बोर्ड और लंका थाना पुलिस मौके पर पहुंची तथा चारों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
देर रात परिसर में मचाया उत्पात
जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात लगभग 11:45 बजे चार युवक कार से विश्वविद्यालय परिसर में पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार काफी तेज गति से चलाई जा रही थी, जिससे परिसर में मौजूद छात्रों और अन्य लोगों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया। बताया जाता है कि वाहन चालक बार-बार लापरवाही से कार दौड़ा रहा था, जिससे कई लोगों को रास्ते से हटना पड़ा।
इसी दौरान आरोप है कि कार में सवार युवकों ने सड़क से गुजर रहे छात्र-छात्राओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करनी शुरू कर दीं। जब कुछ छात्रों ने इस व्यवहार का विरोध किया तो मामला बढ़ गया। आरोप है कि युवकों ने विरोध कर रहे छात्रों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और धक्का-मुक्की भी की।

छात्रों ने किया पीछा, वीडियो भी बनाया
घटना से नाराज छात्रों ने कार का पीछा किया और उसकी गतिविधियों का वीडियो भी अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया। पीछा करते हुए छात्र विश्वविद्यालय के एक गेट तक पहुंचे, जहां पहले से सूचना मिलने पर प्राक्टोरियल बोर्ड की टीम सक्रिय हो चुकी थी। टीम ने कार को रोककर उसमें सवार चारों युवकों को अपने कब्जे में ले लिया।
मौके पर मौजूद छात्रों का कहना है कि वाहन रुकने के बाद आरोपी कुछ परिचित लोगों और पुलिस अधिकारियों से फोन पर बातचीत करने लगे। इस दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में बाहरी लोगों की आवाजाही पर सवाल उठाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। कुछ समय के लिए वहां बड़ी संख्या में छात्र एकत्र हो गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
खुद को छात्रावास का निवासी बताते रहे युवक
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान चारों युवक खुद को बीएचयू के बिरला छात्रावास का छात्र बताते रहे। हालांकि, मौके पर मौजूद छात्रों ने इस दावे का विरोध किया। उनका कहना था कि चारों बाहरी व्यक्ति हैं और उनका छात्रावास से कोई संबंध नहीं है।
छात्रों का आरोप है कि समय-समय पर बाहरी लोग छात्रावास का नाम लेकर विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश कर जाते हैं। इससे न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते हैं, बल्कि छात्रावास की छवि भी प्रभावित होती है। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से परिसर में प्रवेश व्यवस्था को और सख्त करने की मांग की है।
सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही लंका थाना पुलिस मौके पर पहुंची और प्राक्टोरियल बोर्ड के साथ मिलकर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने चारों युवकों को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में नशे की आशंका
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि हिरासत में लिए गए युवक नशे की हालत में हो सकते हैं। हालांकि इसकी पुष्टि के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा वीडियो फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का बयान
लंका थाना प्रभारी ने बताया कि विश्वविद्यालय के प्राक्टोरियल बोर्ड से सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस टीम मौके पर भेजी गई थी। चारों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले की जांच जारी है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
घटना के बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि यदि बाहरी लोगों की आवाजाही पर प्रभावी निगरानी नहीं रखी गई तो भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा हो सकती हैं। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, पहचान की जांच को सख्त बनाने और बाहरी लोगों के प्रवेश पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की है।
