मुंबई-गोवा हाईवे के पास पातालगंगा नदी में दिखा हैरान करने वाला नजारा, एचपीसीएल प्लांट परिसर में पानी भरने के बाद हुआ हादसा
(रणभेरी): महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच गई हैं, जबकि निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बाढ़ के तेज बहाव में करीब 3 हजार एलपीजी गैस सिलेंडर नदी में बह गए।
जानकारी के मुताबिक, यह घटना पनवेल तालुका क्षेत्र के चावणे स्थित एचपीसीएल (हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड) के एलपीजी बॉटलिंग प्लांट से जुड़ी है। लगातार बारिश के कारण प्लांट परिसर में अचानक पानी भर गया, जिसके बाद वहां रखे बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर बाढ़ के पानी के साथ बहकर पातालगंगा नदी में पहुंच गए।
पातालगंगा नदी में बहते दिखे सिलेंडर
रायगढ़ जिले में मुंबई-गोवा हाईवे के पास खारपाड़ा इलाके से गुजरने वाली पातालगंगा नदी में बड़ी संख्या में सिलेंडर बहते हुए नजर आए। नदी के तेज बहाव में सिलेंडर तेजी से आगे बढ़ते दिखाई दिए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हुआ, जिसमें नदी के पानी के साथ बहते हुए सिलेंडर देखे जा सकते हैं।
शुरुआत में स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा थी कि आखिर इतने सारे सिलेंडर नदी तक कैसे पहुंचे। बाद में प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि ये सिलेंडर एचपीसीएल के बॉटलिंग प्लांट से बाढ़ के कारण बहकर आए हैं।
भरे और खाली दोनों तरह के सिलेंडर शामिल
प्रशासन के अनुसार, नदी में बहे सिलेंडरों में खाली और गैस से भरे दोनों प्रकार के सिलेंडर शामिल हैं। तेज पानी के दबाव के कारण ये सिलेंडर खारपाड़ा क्षेत्र से होते हुए नदी और खाड़ी की दिशा में बहते चले गए।
घटना के बाद कुछ स्थानीय लोग नदी किनारे पहुंचे और रस्सियों की मदद से सिलेंडरों को बाहर निकालने का प्रयास करते नजर आए। हालांकि, प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी जान जोखिम में डालकर सिलेंडर निकालने की कोशिश न करें, क्योंकि गैस से भरे सिलेंडर खतरनाक साबित हो सकते हैं।
जिला प्रशासन ने जारी की चेतावनी
रायगढ़ के जिला कलेक्टर किशन जावले ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि अगर किसी को नदी, समुद्र किनारे या आसपास के इलाके में एचपीसीएल के सिलेंडर मिलते हैं तो उन्हें अपने पास रखने या इस्तेमाल करने की कोशिश न करें।
उन्होंने लोगों से कहा कि बरामद सिलेंडरों को तुरंत एचपीसीएल अधिकारियों, नजदीकी एचपीसीएल गैस वितरक, खालापुर तहसील कार्यालय, पेण तहसील कार्यालय या पेण के उप-विभागीय अधिकारी कार्यालय में जमा कराया जाए।
सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट
प्रशासन ने साफ किया है कि बाढ़ के पानी में मिले सिलेंडरों को उठाना या उनके साथ छेड़छाड़ करना खतरनाक हो सकता है। अधिकारियों की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों को लगातार सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। भारी बारिश के बीच रायगढ़ में आई यह घटना अब प्रशासन के लिए एक नई चुनौती बन गई है। राहत और सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ नदी में बहे सिलेंडरों को सुरक्षित तरीके से बरामद करने की कोशिश भी जारी है।
