वाराणसी (रणभेरी): शहर के प्रमुख धार्मिक स्थल काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर के बाहर शनिवार सुबह उस समय अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब ड्यूटी पर तैनात पीएसी के एक जवान की कार्बाइन से अचानक फायरिंग हो गई। घटना के बाद मंदिर परिसर और आसपास मौजूद श्रद्धालुओं में कुछ देर के लिए दहशत फैल गई। हालांकि सुरक्षा कर्मियों और पुलिस की तत्परता से स्थिति को जल्द नियंत्रित कर लिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार सुबह लगभग 6:44 बजे मंदिर के वीआईपी गेट संख्या-4 और 4बी के आसपास हुई। उस समय मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी थी और सुरक्षा व्यवस्था के तहत पीएसी जवान अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। इसी दौरान अचानक जवान के हाथ से कार्बाइन से दो राउंड फायर होने की बात सामने आई।

बताया जा रहा है कि गोली सीधे किसी व्यक्ति को नहीं लगी, बल्कि सड़क और पत्थर से टकराने के बाद उसके प्रभाव से गिट्टियां और छोटे पत्थर के टुकड़े आसपास खड़े लोगों की तरफ उछल गए। इनकी चपेट में आने से तीन लोग घायल हो गए। घटना के बाद कुछ पल के लिए वहां मौजूद लोग घबरा गए और अचानक भीड़ में हलचल बढ़ गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक गोलियों जैसी आवाज सुनते ही लोगों के बीच भय का माहौल बन गया। कुछ लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे, जबकि कई लोगों को शुरू में यह समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। सुरक्षा में लगे अन्य जवान तुरंत सतर्क हो गए और मौके पर पहुंचकर हालात संभालने में जुट गए।
पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों ने तत्काल लोगों को स्थिति की जानकारी दी और स्पष्ट किया कि यह कोई हमला नहीं बल्कि आकस्मिक फायरिंग की घटना थी। अधिकारियों द्वारा लोगों को आश्वस्त किए जाने के बाद माहौल धीरे-धीरे सामान्य हुआ।

घायलों की पहचान निक्की गुप्ता, राम बाबू और विकास यादव के रूप में हुई है। बताया गया है कि ये तीनों मंदिर के बाहर माला-फूल और पूजा सामग्री बेचने का कार्य करते हैं। घटना के बाद पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया।डॉक्टरों के अनुसार, तीनों घायलों की स्थिति सामान्य है और वे पूरी तरह खतरे से बाहर हैं। दो लोगों के हाथों में चोटें आई हैं, जबकि एक व्यक्ति की कमर के हिस्से में पत्थर और गिट्टियों के टुकड़े लगने से चोट पहुंची है। राहत की बात यह रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई।घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इसके साथ ही मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा प्रबंधों को और अधिक सतर्कता के साथ लागू करने के निर्देश दिए गए।

पुलिस ने घटना से जुड़े आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए हैं और संबंधित पीएसी जवान से पूछताछ भी की जा रही है। शुरुआती जांच में मामला कार्बाइन से आकस्मिक फायरिंग का माना जा रहा है, लेकिन अधिकारी पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रहे हैं।अधिकारियों का कहना है कि जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि गोली किन परिस्थितियों में चली और कहीं सुरक्षा नियमों के पालन में किसी प्रकार की चूक तो नहीं हुई। जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।इस घटना ने एक बार फिर महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और हथियारों के संचालन संबंधी सावधानियों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
