वाराणसी (रणभेरी) : शहर के खोजवा क्षेत्र स्थित दशमी मैदान (रामलीला मैदान) में गुरुवार दोपहर नगर निगम ने अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। दोपहर करीब एक बजे प्रवर्तन दल अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचा और मैदान में बनी गुमटियों, टिनशेड तथा अन्य अस्थायी दुकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू की। अभियान के दौरान कई दुकानदारों ने इसका विरोध करते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
नगर निगम की कार्रवाई के दौरान मौके पर कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति भी बनी रही। दुकानदारों का कहना था कि वे लंबे समय से इसी स्थान पर व्यापार कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं और नियमित रूप से संबंधित रामलीला समिति को निर्धारित राशि का भुगतान भी करते रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के दुकानें खाली करने के लिए कहा जा रहा है।
दुकानदारों ने भुगतान के दावे के साथ दिखाई रसीदें
कार्रवाई का विरोध कर रहे दुकानदार मनोज कुमार यादव ने बताया कि वह कई वर्षों से यहां दुकान संचालित कर रहे हैं। उनके अनुसार, रामलीला समिति के साथ हर महीने दो हजार रुपये जमा करने की व्यवस्था थी और वह समय-समय पर निर्धारित राशि का भुगतान करते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके पास भुगतान की रसीदें भी मौजूद हैं, जिन्हें उन्होंने अधिकारियों के सामने प्रस्तुत किया।
मनोज कुमार यादव का कहना था कि नगर निगम की ओर से पहले कुछ दुकानदारों को नोटिस दिए गए थे, लेकिन उन्हें उम्मीद थी कि उनके दस्तावेजों और भुगतान के रिकॉर्ड को देखते हुए कोई समाधान निकाला जाएगा। उनका आरोप है कि ऐसा नहीं हुआ और सीधे दुकान हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।

सात दशक पुराना कारोबार भी नहीं बचा
दूसरे दुकानदार बच्चे लाल ने बताया कि उनका परिवार लगभग 70 वर्षों से इसी स्थान पर दुकान लगाकर आजीविका चला रहा है। उनका कहना है कि वर्षों से वह भी नियमित रूप से रामलीला समिति को किराया देते रहे हैं। समिति से जानकारी लेने पर उन्हें बताया गया कि अब संबंधित भूमि नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में आ चुकी है, जिसके बाद निगम की ओर से कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने सभी दस्तावेज नगर आयुक्त के समक्ष प्रस्तुत किए, लेकिन उनकी बात पर कोई विचार नहीं किया गया और उन्हें किसी प्रकार की राहत भी नहीं मिली।
अस्थायी दुकानों पर कार्रवाई, स्थायी निर्माणों पर सवाल
अभियान के दौरान व्यापारियों ने नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल भी उठाए। उनका आरोप है कि केवल गुमटी, टिनशेड और अन्य अस्थायी दुकानों को हटाया गया, जबकि आसपास मौजूद स्थायी और पक्के निर्माणों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। व्यापारियों का कहना है कि यदि अतिक्रमण हटाना ही उद्देश्य है तो सभी प्रकार के अवैध निर्माणों पर समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए।

अभियान के दौरान रही हलचल
नगर निगम की टीम ने अभियान के दौरान कई अस्थायी ढांचों को हटाया और मैदान को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई जारी रखी। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और दुकानदार मौके पर मौजूद रहे। कई व्यापारियों ने अधिकारियों से कार्रवाई रोकने और मामले का समाधान निकालने की मांग भी की, लेकिन अभियान निर्धारित योजना के अनुसार चलता रहा।
व्यापारियों का कहना है कि वे वर्षों से इसी स्थान पर रोजगार कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। उनका आग्रह है कि यदि प्रशासन को अतिक्रमण हटाना आवश्यक लगता है तो प्रभावित दुकानदारों के पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार किया जाना चाहिए।
