वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र स्थित रविदास घाट पर बुधवार सुबह एक हादसा हो गया। गंगा में स्नान करने के दौरान 15 वर्षीय किशोरी गहरे पानी में गई और डूबने से उसकी मौत हो गई। घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घर से बिना बताए घाट पहुंची थी किशोरी
जानकारी के अनुसार, मृतक किशोरी नगवां क्षेत्र की रहने वाली थी। उसका घर रविदास घाट से लगभग 500 मीटर की दूरी पर स्थित है। परिजनों ने बताया कि बुधवार सुबह वह बिना किसी को बताए घर से निकल गई थी। काफी देर तक जब वह घर वापस नहीं लौटी तो परिवार के लोग उसकी तलाश करने लगे। इसी बीच आसपास के लोगों से सूचना मिली कि रविदास घाट पर एक किशोरी गंगा में डूब गई है। खबर मिलते ही परिजन घाट पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
परिजनों ने बताई यह बात
किशोरी के पिता भरत साहनी, जो बीएचयू में माली के पद पर कार्यरत हैं, उन्होनें बताया कि उनकी बेटी मानसिक रूप से पूरी तरह सामान्य नहीं थी। इसी कारण परिवार के लोग उसे अकेले बाहर जाने से रोकते थे। उन्होंने कहा कि घर से उसके निकलने की जानकारी किसी को नहीं हो सकी। जब तक सूचना मिली और वे घाट पहुंचे, तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था।
घाट पर मौजूद लोगों ने किया था सावधान
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, किशोरी जब रविदास घाट पहुंची तो वहां मौजूद कुछ लोगों ने उसे अकेले गंगा में उतरने से मना किया था। वह कुछ समय तक घाट की सीढ़ियों पर बैठी रही। इसके बाद अचानक वह स्नान के लिए गंगा में उतर गई। देखते ही देखते वह गहरे पानी की ओर चली गई और डूबने लगी। लोगों ने उसकी आवाज सुनकर बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव और गहराई के कारण उसे सुरक्षित बाहर नहीं निकाला जा सका।
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही लंका थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और मामले की सभी औपचारिक कार्रवाई की जा रही है। प्रथम दृष्टया यह हादसा गंगा में स्नान के दौरान डूबने के कारण हुआ प्रतीत होता है।
क्षेत्र में शोक का माहौल
इस हादसे के बाद नगवां और आसपास के इलाके में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते किशोरी को गहरे पानी में जाने से रोका जा सकता, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। घटना ने एक बार फिर गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और सावधानी बरतने की आवश्यकता को सामने ला दिया है।
