वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी से जौनपुर की ओर जा रही उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की एक बस में बुधवार रात उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब किराए के बचे हुए रुपये मांगने पर एक बुजुर्ग यात्री के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद इतना बढ़ गया कि बस के कंडक्टर ने बुजुर्ग को चलती बस से नीचे धक्का दे दिया। घटना के बाद बस में सवार यात्रियों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने बस रुकवाकर घायल यात्री को दोबारा वाहन में बैठाया।
जानकारी के अनुसार, परिवहन निगम की गोंडा डिपो से संबद्ध बस संख्या UP78 LN 2415 बुधवार रात लगभग 8 बजे वाराणसी कैंट बस अड्डे से रवाना हुई थी। बस में जौनपुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए बड़ी संख्या में यात्री सवार थे। यात्रियों का आरोप है कि यात्रा के दौरान परिचालक का व्यवहार कई लोगों के प्रति कठोर और अभद्र रहा, जिससे रास्ते भर कई बार कहासुनी की स्थिति बनी।
बताया जाता है कि टिकट वितरण के दौरान कुछ यात्रियों ने किराए के बचे हुए रुपये वापस मांगे। इस पर कंडक्टर ने तत्काल पैसे लौटाने के बजाय बाद में देने की बात कही। यात्रियों का कहना था कि बस में ऐसे कई लोग सवार थे जिन्हें जौनपुर पहुंचने से पहले जलालपुर और फूलपुर जैसे पड़ावों पर उतरना था, इसलिए वे अपना शेष किराया तुरंत वापस चाहते थे।
इसी बात को लेकर बस में बहस शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद के दौरान एक बुजुर्ग यात्री ने भी अपने बचे हुए पैसे की मांग की, जिसके बाद परिचालक और यात्री के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। आरोप है कि इसी दौरान परिचालक ने बुजुर्ग के साथ धक्का-मुक्की की, जिससे वह बस से नीचे गिर गया।
घटना होते ही बस में बैठे यात्रियों में नाराजगी फैल गई। कई यात्रियों ने परिचालक के व्यवहार का विरोध करते हुए चालक से बस रोकने की मांग की। यात्रियों के दबाव के बाद बस रोकी गई और नीचे गिरे बुजुर्ग यात्री को उठाकर दोबारा बस में बैठाया गया। बताया जा रहा है कि गिरने से यात्री को चोटें भी आईं, हालांकि उनकी स्थिति गंभीर नहीं बताई गई।
कुछ यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि कंडक्टर नशे की हालत में प्रतीत हो रहा था और इसी वजह से उसका व्यवहार असामान्य था। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
घटना के बाद यात्रियों ने परिवहन विभाग के अधिकारियों से मामले की जांच कर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, बस में मौजूद लोगों का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए और इस तरह की घटनाओं पर सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। फिलहाल मामले को लेकर परिवहन निगम की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
