वाराणसी में ई-बस सेवा का विस्तार: कैंट स्टेशन से BHU विश्वनाथ मंदिर तक सीधा सफर शुरू, यात्रियों को बड़ी राहत

वाराणसी में ई-बस सेवा का विस्तार: कैंट स्टेशन से BHU विश्वनाथ मंदिर तक सीधा सफर शुरू, यात्रियों को बड़ी राहत

वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए कैंट रेलवे स्टेशन से काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर स्थित विश्वनाथ मंदिर तक इलेक्ट्रिक बस सेवा का विस्तार कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था से छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों और श्रद्धालुओं को अब सीधे और सुविधाजनक परिवहन सुविधा मिल सकेगी।

नई व्यवस्था के तहत पहले चरण में वाराणसी सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (VCTSL) ने छह इलेक्ट्रिक बसों का संचालन इस रूट पर शुरू किया है। इन बसों के जरिए यात्रियों को शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए विश्वविद्यालय परिसर और मंदिर तक सीधी कनेक्टिविटी मिल रही है।

दो अलग-अलग रूटों से चलेगी बस सेवा

अधिकारियों के अनुसार बसों को दो अलग-अलग मार्गों पर संचालित किया जा रहा है। पहला रूट कैंट स्टेशन से सिगरा, भेलूपुर और लंका होते हुए सीधे Banaras Hindu University के विश्वनाथ मंदिर तक जाएगा। दूसरा रूट लहरतारा, बरेका, सुंदरपुर और लंका के रास्ते विश्वविद्यालय परिसर तक पहुंचेगा। इन सेवाओं के तहत तीन-तीन बसें दोनों रूटों पर चलाई जा रही हैं, जिससे यात्रियों को समय और भीड़ दोनों में राहत मिलेगी।

किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं

ई-बस सेवा के विस्तार के बावजूद किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कैंट से लंका तक का किराया पहले की तरह 20 रुपये प्रति यात्री ही रहेगा, और इसी किराए में यात्री अब सीधे विश्वनाथ मंदिर तक यात्रा कर सकेंगे। वहीं लहरतारा–सुंदरपुर मार्ग पर संचालित बसों का किराया 25 रुपये प्रति यात्री निर्धारित है। लंका चौराहा या सिंहद्वार से विश्वनाथ मंदिर तक जाने वाले यात्रियों के लिए अलग से 10 रुपये का किराया तय किया गया है।

शहर में बढ़ेगा ई-बस नेटवर्क

शहर में इलेक्ट्रिक बसों के नेटवर्क को और विस्तार देने की योजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है। जल्द ही 250 नई ई-बसों को बेड़े में शामिल किया जाएगा। इनके संचालन के लिए वाराणसी-आजमगढ़ मार्ग पर मड़वा क्षेत्र में नया चार्जिंग स्टेशन विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा परेड कोठी और सारनाथ में भी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मंजूरी मिल चुकी है।

पहले से विस्तृत है ई-बस नेटवर्क

फिलहाल ई-बसें शहर के कई प्रमुख क्षेत्रों जैसे पिंडरा, बाबतपुर, हरहुआ, पड़ाव, Pandit Deendayal Upadhyaya Nagar और रामनगर के साथ-साथ धार्मिक स्थल Markandey Mahadev Dham तक भी संचालित हो रही हैं।

यात्रियों को मिली बड़ी राहत

विश्वविद्यालय परिसर तक सीधी बस सेवा शुरू होने से रोजाना आने-जाने वाले हजारों विद्यार्थियों, कर्मचारियों और दर्शनार्थियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी, यातायात दबाव कम होगा और शहर में प्रदूषण नियंत्रण को भी बढ़ावा मिलेगा। कुल मिलाकर यह पहल वाराणसी में आधुनिक, सुगम और पर्यावरण हितैषी परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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