NEET UG 2026 परीक्षा रद्द: पेपर लीक विवाद के बाद NTA का बड़ा फैसला, CBI करेगी जांच

NEET UG 2026 परीक्षा रद्द: पेपर लीक विवाद के बाद NTA का बड़ा फैसला, CBI करेगी जांच

(रणभेरी): देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा National Testing Agency द्वारा आयोजित NEET UG 2026 को रद्द कर दिया गया है। 3 मई को आयोजित हुई इस परीक्षा पर पेपर लीक के गंभीर आरोप लगने के बाद केंद्र सरकार की मंजूरी से यह फैसला लिया गया। अब परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी और नई तारीखें जल्द घोषित होने की संभावना है।

NTA की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, छात्रों को दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। पहले से किए गए रजिस्ट्रेशन ही मान्य रहेंगे। परीक्षा केंद्रों में भी बदलाव नहीं किया जाएगा, हालांकि री-एग्जाम के लिए नए एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे। एजेंसी ने यह भी कहा है कि परीक्षार्थियों से ली गई फीस वापस की जाएगी।

जांच में सामने आए चौंकाने वाले खुलासे

जांच एजेंसियों को शुरुआती पड़ताल में ऐसे संकेत मिले हैं कि प्रश्नपत्र से जुड़े कई सवाल परीक्षा छपने से पहले ही कुछ लोगों तक पहुंच गए थे। सूत्रों के अनुसार बायोलॉजी और केमिस्ट्री के कई प्रश्न वास्तविक परीक्षा से मेल खाते पाए गए हैं। इस मामले की कड़ियां राजस्थान, विशेष रूप से जयपुर और सीकर क्षेत्र से जुड़ती दिखाई दे रही हैं।

राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने इस सिलसिले में जयपुर से एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है। जांच एजेंसियों को शक है कि इसी नेटवर्क के जरिए प्रश्नों का एक बड़ा “क्वेश्चन बैंक” तैयार किया गया, जिसे परीक्षा से पहले चुनिंदा छात्रों तक पहुंचाया गया।

बताया जा रहा है कि इस कथित क्वेश्चन बैंक में कई ऐसे सवाल शामिल थे जो परीक्षा में हूबहू पूछे गए। एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की आर्थिक लेनदेन सहित गहराई से जांच कर रही हैं। कई छात्रों से पूछताछ में पैसों के लेनदेन की बात भी सामने आने की चर्चा है।

8 मई से केंद्रीय एजेंसियों ने शुरू की थी जांच

NTA के अनुसार, परीक्षा के कुछ दिन बाद ही 8 मई से इस मामले की जानकारी केंद्रीय एजेंसियों को दे दी गई थी। परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा को देखते हुए विभिन्न रिपोर्टों और जांच निष्कर्षों की समीक्षा की गई। इसके बाद परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया।

अब पूरे मामले की जांच Central Bureau of Investigation यानी CBI को सौंपी जाएगी। एजेंसी यह पता लगाएगी कि प्रश्नपत्र लीक कैसे हुआ, इसमें कौन-कौन शामिल थे और किन राज्यों तक इसका नेटवर्क फैला था।

राजस्थान में मिले हस्तलिखित प्रश्नपत्र

राजस्थान के कई जिलों में कुछ छात्रों के पास हाथ से लिखे नोट्स और संभावित प्रश्नों की कॉपियां मिली थीं। जांच में पाया गया कि इनमें से बड़ी संख्या में सवाल वास्तविक परीक्षा से मिलते-जुलते थे।

10 मई को राजस्थान SOG ने कार्रवाई करते हुए देहरादून, सीकर और झुंझुनूं से कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया। जांच एजेंसियों का कहना है कि परीक्षा से दो दिन पहले ही बड़ी संख्या में सवाल कुछ छात्रों तक पहुंच चुके थे।

सूत्रों के अनुसार, एक मेडिकल छात्र द्वारा तैयार किए गए संभावित प्रश्नों का सेट सोशल नेटवर्क और निजी संपर्कों के जरिए आगे भेजा गया। इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के सैकड़ों प्रश्न शामिल थे।

720 में से बड़ी संख्या में सवाल मिलने का दावा

जांच में यह भी सामने आया है कि कथित गैस पेपर या प्रश्न बैंक में शामिल कई प्रश्न असली परीक्षा में पूछे गए। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी गेस पेपर से कुछ सवाल मिल जाना सामान्य माना जा सकता है, लेकिन बहुत बड़ी संख्या में प्रश्नों का समान होना गंभीर जांच का विषय बन जाता है।

इसी आधार पर परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठे और पूरे देश में छात्रों तथा अभिभावकों के बीच नाराजगी बढ़ी। सोशल मीडिया पर भी परीक्षा दोबारा कराने की मांग तेज हो गई थी।

2024 में भी विवादों में रही थी NEET परीक्षा

यह पहली बार नहीं है जब मेडिकल प्रवेश परीक्षा विवादों में आई हो। 2024 में भी NEET UG परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के कारण सुर्खियों में रही थी। बिहार और झारखंड में हुई जांच में कई गिरफ्तारियां हुई थीं।

हालांकि उस समय Supreme Court of India ने पूरे देश की परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया था। केवल कुछ केंद्रों पर सीमित संख्या में छात्रों की दोबारा परीक्षा आयोजित की गई थी। उस वर्ष परीक्षा में 67 छात्रों को पूर्ण अंक मिलने और एक ही परीक्षा केंद्र से कई टॉपर्स सामने आने पर भी सवाल उठे थे।

NTA पर पहले भी लगते रहे हैं लापरवाही के आरोप

NEET UG 2019: उत्तर कुंजी पर विवाद : NTA द्वारा आयोजित पहली NEET परीक्षा में कई प्रश्नों के एक से अधिक सही उत्तर पाए गए थे। मामला अदालत तक पहुंचा, जिसके बाद संशोधित उत्तर कुंजी जारी करनी पड़ी।

JEE Main 2020: फर्जी अभ्यर्थी मामला: असम के एक छात्र की जगह दूसरे व्यक्ति द्वारा परीक्षा देने का मामला सामने आया था। जांच में कई लोगों की गिरफ्तारी हुई थी।

NEET UG 2020: गलत रिजल्ट के बाद छात्रा की मौत: मध्य प्रदेश की एक छात्रा को बेहद कम अंक दिए गए थे। बाद में OMR मिलान में उसके अंक कहीं अधिक पाए गए। यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बना था।

NEET UG 2020: कैटेगरी टॉपर को फेल दिखाने का आरोप: राजस्थान के एक छात्र ने दावा किया था कि OMR जांच में उसके अंक अधिक थे, लेकिन रिजल्ट में उसे फेल दिखाया गया।

JEE Main 2022: तकनीकी गड़बड़ियों की शिकायत: ऑनलाइन परीक्षा के दौरान सर्वर और तकनीकी समस्याओं को लेकर छात्रों ने विरोध जताया था।

JEE Main 2024: शिफ्ट नॉर्मलाइजेशन विवाद: कई छात्रों ने आरोप लगाया था कि अलग-अलग शिफ्ट में छात्रों की संख्या और कठिनाई स्तर में अंतर के कारण परसेंटाइल प्रभावित हुआ।

छात्रों में बढ़ी चिंता, नई परीक्षा तारीखों का इंतजार

NEET UG 2026 रद्द होने के बाद लाखों छात्र अब नई परीक्षा तारीखों का इंतजार कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा दोबारा कराने से तैयारी का दबाव और मानसिक तनाव दोनों बढ़ेंगे। वहीं अभिभावकों ने परीक्षा प्रणाली को और सुरक्षित बनाने की मांग की है।

सरकार और जांच एजेंसियों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि अगली परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित हो सके।

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