वाराणसी (रणभेरी): स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को कथित रूप से जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। ज्योतिष्पीठ की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, संस्थान के आधिकारिक मोबाइल नंबर पर पहले एक आपत्तिजनक संदेश भेजा गया, जिसे ब्लॉक कर दिया गया। इसके बाद 6 अप्रैल की रात लगभग 9:55 और 9:56 बजे दो वॉइस मैसेज प्राप्त हुए, जिनमें गंभीर धमकियां दी गईं। अब इन ऑडियो क्लिप्स को सार्वजनिक करते हुए पूरे प्रकरण की जांच की मांग की गई है।
ऑडियो मैसेज में क्या कहा गया… शंकराचार्य का टाइम नजदीक आ गया है। कितना भी बचे, वह बच ही नहीं पाएगा। जैसे अतीक अहमद को मारा, वैसे ही उसको भी मारना है। बाद में सारी कहानी खत्म…। यह रेपिस्ट है। रेपिस्ट को बोलो थोड़ा शांत रहे, वरना उससे बात कराओ। बात कराओ उस रेपिस्ट से। इस दुनिया से उसका टाइम आ गया है। अब ज्यादा दिन जिंदा नहीं रह सकता। जहां वो यात्रा कर रहा है, वहीं बीच में खत्म हो जाएगा। कोई भी मार देगा उसको। मेरे जैसे लाखों लोग हैं, उसको मारने के लिए। बचेगा नहीं। उसको खत्म करना है। अविमुक्तेश्वरानंद को कोई सपोर्ट नहीं करेगा, पूरे हिंदुस्तान में कोई नहीं करेगा। उसका अंत बहुत बुरा है। उसको बताओ, कुछ समय बचा है उसका टाइम। उसका बहुत जल्द टिकट कटने वाला है।
बताया जा रहा है कि संदेशों में अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए हमले की चेतावनी दी गई और यह भी कहा गया कि उनकी प्रस्तावित यात्रा के दौरान उन्हें निशाना बनाया जा सकता है। ऑडियो में अतीत की एक चर्चित हत्या का जिक्र करते हुए उसी तरह की कार्रवाई की धमकी दी गई है। साथ ही, यात्रा मार्ग में किसी भी समय हमला करने की बात कही गई है।
गौरतलब है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद इन दिनों “गोमाता-राष्ट्रमाता” अभियान चला रहे हैं। इसी क्रम में 3 मई से उत्तर प्रदेश में उनकी “गविष्ठी यात्रा” प्रस्तावित है, जिसका उद्देश्य गौ संरक्षण और गोधन आश्रय (गोधाम) के प्रति जागरूकता फैलाना है। धमकी के बाद इस यात्रा की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
यह पहला मौका नहीं है जब उन्हें इस तरह की धमकियां मिली हों। उनके समर्थकों का कहना है कि गौ-रक्षा से जुड़े अभियान के कारण कुछ समूह नाराज हैं और इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
इसी बीच, उनके वकील और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य श्रीनाथ त्रिपाठी को भी हाल ही में एक धमकी भरा संदेश मिला था, जिसमें वाराणसी कचहरी को उड़ाने की बात कही गई थी। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां पहले से सतर्क थीं।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि वैचारिक असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने संबंधित राज्य की पुलिस से त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी की पहचान कर गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही, शंकराचार्य को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी अपील की गई है। प्रशासनिक स्तर पर अभी तक आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की तैयारी की जा रही है।
