‘मालिक, एतना हार्न काहे बजावत हउआ, का अब सड़किये से उड़बा?’ तंज भरे सवालों के बीच वीआइपी गाड़ियों की हार्नबाजी से छिना लोगों का सुकून
वाराणसी (रणभेरी): गंगा के ऊपर राफेल और दूसरे विमानों की गर्जना ने बनारसियों को गर्व और रोमांच से भर दिया। वायुसेना के जांबाजों ने तालमेल, सटीकता और अनुशासन के साथ हवाई करतब दिखाकर लोगों का दिल जीत लिया। लेकिन एयर शो खत्म होते ही सड़क पर नजारा बदल गया। वीआइपी गाड़ियों के काफिले के बीच हार्न बजाने की ऐसी होड़ मची कि लोग परेशान हो उठे। इस अव्यवस्था के बीच बनारसियों की चुटीली बतकही ने माहौल को जरूर हल्का कर दिया।
सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतार और लगातार बजते हार्न के बीच एक बनारसी ने चुटकी लेते हुए कहा, ‘मालिक, एतना हार्न काहे बजावत हउआ, का अब सड़किये से उड़बा?’ उसका सवाल सुनकर आसपास खड़े लोग भी मुस्कुरा उठे। हवाई शो में विमानों को उड़ते देखने के बाद सड़क पर गाड़ियों की रफ्तार बढ़ाने की बेचैनी लोगों को खूब अखरी।
तभी दूसरे ने तपाक से कहा, ‘अरे भइया, आगे गाड़ी त हिलत ना हव, फिर इंकरे पीं-पों से कौन रास्ता खुल जाई।’ उसकी बात सुनकर आसपास मौजूद लोग हंसी नहीं रोक सके। वहीं, तीसरे ने तंज कसते हुए कहा, ‘राफेल के पायलट से ज्यादा इंके तेजी हव, अभी जगह मिली त इहे से उड़ के चौकाघाट पहुंच जइहन।’
दरअसल, एयर शो के दौरान आसमान में विमानों की गर्जना रोमांच पैदा कर रही थी, लेकिन शो खत्म होने के बाद सड़कों पर हार्न का शोर लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया। वायुसेना के जवानों ने आसमान में अनुशासन और सटीकता की मिसाल पेश की, वहीं सड़क पर कुछ वाहन चालकों की बेसब्री ने यातायात की स्थिति को असहज बना दिया।
बनारसियों ने अपने खास अंदाज में इस विरोधाभास पर तंज कसा। उनकी बातों में हंसी-मजाक तो था ही, साथ ही यह संदेश भी कि हार्न बजाने से जाम नहीं खुलता। सड़क पर संयम और यातायात अनुशासन ही सफर को आसान बना सकता है।
